क्या अमेरिकी हमले में बर्बाद हो गया भारत का चाबहार पोर्ट? पीट हेगसेथ ने शेयर की तबाह टावर की तस्वीर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच चाबहार पोर्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक टावर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है.

Was India Chabahar Port destroyed in a US strike Pete Hegseth shared a photo
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच चाबहार पोर्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक टावर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर ईरान के चाबहार पोर्ट की है.

हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इस तस्वीर को किसी खास जगह से जोड़कर कोई जानकारी नहीं दी है. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, यह तस्वीर चाबहार पोर्ट के एक टावर की हो सकती है. वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने चाबहार इलाके में अमेरिकी हमलों के तीसरे दौर की पुष्टि की है, लेकिन टावर गिरने की बात तुरंत नहीं कही.

चाबहार पोर्ट में भारत का बड़ा निवेश

चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. भारत ने इस बंदरगाह के विकास में करीब 120 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

भारत का निवेश चाबहार के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के विकास में है. इसमें क्रेन, माल ढुलाई के उपकरण और बंदरगाह की सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम शामिल है.

जिस टावर के गिरने की तस्वीर सामने आई है, वह भारत के बनाए या भारत के निवेश वाले हिस्से में नहीं था. यह टावर शाहिद कलंतरी पोर्ट क्षेत्र में स्थित बताया जा रहा है, जबकि भारत का काम शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल में है.

समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता था टावर

जांच के मुताबिक, गिरा हुआ टावर ईरान के तटीय निगरानी और समुद्री यातायात नियंत्रण से जुड़ा था. इसका इस्तेमाल जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और ईरान के सुरक्षा बलों की गतिविधियों में किया जाता था.

भारत के निवेश वाले हिस्से को नुकसान पहुंचने की अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान ने दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फिर से हमले किए हैं.

यह कार्रवाई अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी ठिकानों पर किए गए लगातार हमलों के बाद हुई है. पिछले महीने हुए संघर्ष विराम के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है और लगातार हमले जारी हैं.

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