गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान को भारत की खरी-खरी, कहा- हकीकत नहीं बदल सकती

India On Gilgit-Baltistan: गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत बनाने की मांग पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत सरकार ने साफ कहा है कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.

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India On Gilgit-Baltistan: गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत बनाने की मांग पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत सरकार ने साफ कहा है कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख पहले भी साफ था और आज भी वही है. उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं. पाकिस्तान इस क्षेत्र की स्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसे किसी भी कदम की भारत की नजर में कोई कानूनी मान्यता नहीं है.

गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने क्या मांग की?

हाल ही में गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया. इसमें पाकिस्तान सरकार से इस क्षेत्र को पूर्ण प्रांतीय दर्जा देने की मांग की गई है. प्रस्ताव में कहा गया है कि पाकिस्तान के संविधान में संशोधन कर गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का नया प्रांत बनाया जाए. साथ ही वहां के लोगों को राष्ट्रीय असेंबली और सीनेट में पूरा प्रतिनिधित्व भी दिया जाए.

पाकिस्तान में अभी कितने प्रांत हैं?

फिलहाल पाकिस्तान में चार प्रांत हैं. इनमें पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा शामिल हैं. गिलगित-बाल्टिस्तान अभी सीमित स्व-शासन व्यवस्था के तहत चलता है और उसे अभी तक पूर्ण संवैधानिक प्रांत का दर्जा नहीं मिला है.

चुनाव के बाद तेज हुई मांग

यह प्रस्ताव हाल ही में हुए गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनावों के बाद सामने आया है. चुनाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. बाद में उसने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के साथ मिलकर सरकार बनाई. नई सरकार बनने के बाद इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया और इसे पाकिस्तान की संसद के पास भेज दिया गया.

पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा

गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत बनाने की चर्चा पहली बार नहीं हुई है. साल 2019 में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के बाद भी पाकिस्तान में इस तरह की योजना पर चर्चा हुई थी. हालांकि उस समय यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया था.

भारत का रुख नहीं बदला

भारत लगातार कहता रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का हिस्सा हैं. भारत का कहना है कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर कब्जा किए हुए है, उसकी कानूनी स्थिति बदलने का उसे कोई अधिकार नहीं है. इसलिए गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत बनाने की किसी भी कोशिश को भारत स्वीकार नहीं करता.

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