Hydrogen Train: भारतीय रेलवे ने स्वच्छ और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से यात्री ट्रेनें संचालित की जा रही हैं.
जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे की ग्रीन मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है. पर्यावरण के अनुकूल इस तकनीक से भविष्य में रेल परिवहन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. यदि आप भी इस ट्रेन में सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं इसका रूट, स्टॉपेज, किराया और समय.
जींद से सोनीपत के बीच चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद जंक्शन से चलकर सोनीपत जंक्शन तक पहुंचेगी. इस पूरे सफर को पूरा करने में करीब दो घंटे का समय लगेगा. यह ट्रेन रोजाना निर्धारित समय पर दोनों दिशाओं में संचालित होगी और यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल यात्रा का अनुभव देगी.
किन-किन स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव
जींद जंक्शन से रवाना होने के बाद यह ट्रेन कुल 14 स्टेशनों पर रुकेगी. रास्ते में जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भंभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना और बड़वासनी जैसे स्टेशनों पर यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा मिलेगी. इसके बाद ट्रेन अपने अंतिम स्टेशन सोनीपत जंक्शन पहुंचेगी. वापसी के दौरान भी यही सभी स्टेशन क्रमवार इसके निर्धारित ठहराव होंगे.
बेहद किफायती रखा गया है किराया
भारतीय रेलवे ने इस हाईटेक ट्रेन का किराया भी आम यात्रियों की पहुंच में रखा है. जींद से सोनीपत तक पूरे सफर का अधिकतम किराया केवल 25 रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं, कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए शुरुआती किराया मात्र 5 रुपये रखा गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी.

क्या रहेगी ट्रेन की टाइमिंग
हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 74010 और 74009 सेवा संख्या के तहत किया जाएगा. नियमित संचालन के दौरान ट्रेन सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर करीब 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी. वापसी में यह ट्रेन सुबह 10:30 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर करीब 1:00 बजे जींद पहुंचेगी. यह सेवा सप्ताह में छह दिन उपलब्ध रहेगी.
कितनी होगी ट्रेन की रफ्तार
देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. यह गति क्षेत्रीय रेल मार्ग और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तय की गई है. हालांकि इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी गति नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है, जो इसे पारंपरिक डीजल ट्रेनों से पूरी तरह अलग बनाती है.
क्यों खास है भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन
हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन अपने संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन नहीं करती. इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली तैयार होती है, जिससे ट्रेन चलती है और उप-उत्पाद के रूप में केवल जल वाष्प निकलती है. यही वजह है कि इसे भविष्य की सबसे स्वच्छ रेल तकनीकों में शामिल किया जा रहा है. भारतीय रेलवे की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि देश को ग्रीन ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिला सकती है.
ये भी पढ़ें- PM Modi Speech: Jind की धरती से PM मोदी का बड़ा संदेश ! भाषण में गिनाईं विकास की उपलब्धियां |Haryana