अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब श्रद्धालुओं से भरी एक बस अचानक आग की लपटों में घिर गई. कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन सुरक्षाबलों और राहत एजेंसियों की तेज कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया. बस में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, हालांकि उनका पूरा सामान जलकर राख हो गया.
रामबन के करोल इलाके में हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिले के करोल क्षेत्र में हुई. राजस्थान के श्रद्धालुओं को लेकर जा रही स्लीपर बस (RJ27PC-9921) श्रीनगर से जम्मू की ओर लौट रही थी. रास्ते में अचानक बस का एक टायर फट गया, जिसके बाद आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलने लगा.
ऐसे बचाई गई 54 लोगों की जान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, सिविल क्विक रिस्पांस टीम और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. संयुक्त अभियान चलाकर बस में सवार 47 श्रद्धालुओं के साथ चालक और परिचालक समेत कुल 54 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और समय रहते सभी की जान बचा ली गई.
आग बुझाते समय दमकल कर्मी झुलसा
राहत और बचाव अभियान के दौरान आग पर काबू पाने की कोशिश में अग्निशमन विभाग के जवान एसजीसीटी मनहर लाल भट्ट झुलस गए. उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल से जीएमसी जम्मू रेफर किया गया. प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके.
श्रद्धालुओं का पूरा सामान जलकर हुआ राख
हालांकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित बच गए, लेकिन बस में रखा उनका सामान, कपड़े और अन्य निजी वस्तुएं पूरी तरह आग की भेंट चढ़ गईं. यात्रियों के पास केवल उनके पहने हुए कपड़े ही बच सके. रामबन के उपायुक्त मोहम्मद इलियास खान ने सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन ने उनके ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की. बाद में सभी श्रद्धालुओं को दूसरी बस के जरिए जम्मू के लिए रवाना कर दिया गया.
एलजी मनोज सिन्हा ने ली घटना की जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और प्रभावित श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और हादसे की विस्तृत जांच भी जारी है.
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