क्या इजरायल का जासूस था एपस्टीन? FBI दस्तावेज में बड़ा खुलासा; जानें पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा

Mossad Agent Epstein: अमेरिका सहित विश्व के कई देशों के अंदर एपस्टीन फाइल के रिलीज दस्तावेजों ने हलचल मचा दी है. इस बीच कुख्यात यौन अपराधी अरबपति जेफरी एपस्टीन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.

Was Epstein an Israeli spy Big revelation in FBI document Know what PM Netanyahu said
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Mossad Agent Epstein: अमेरिका सहित विश्व के कई देशों के अंदर एपस्टीन फाइल के रिलीज दस्तावेजों ने हलचल मचा दी है. इस बीच कुख्यात यौन अपराधी अरबपति जेफरी एपस्टीन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. अमेरिकी एजेंसी FBI के एक दस्तावेज के अनुसार, एपस्टीन को इजरायली जासूस बताया है. 

FBI दस्तावेज में ये दावा किया गया है इजरायल के पूर्व पीएम एहुद बराक ने खुद स्वीकारा कि एपस्टीन को जासूस के रूप में तैयार किया गया था. हालांकि, FBI के इस रिपोर्ट को इजरायली पीएम बेंजामिन नतन्याहू पूरी तरह से नकार दिया है. उन्होंने कहा है कि FBI के द्वारा लगाए इन आरोपों के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है. 

FBI दस्तावेज में क्या है?

एक रिपोर्ट के अनुसार, FBI दस्तावेज में यह कहा गया है कि एपस्टीन और हार्वर्ड लॉ प्रोफेसर एलन डर्शोविट्ज के बीच काफी फोन पर बातें हुआ करती थी. इन बातों को FBI का एक सूत्र लगातार नोट करता था. दोनों के बीच हो रहे बातचीत में सूत्र को ये पता चला कि ये बातें इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद तक पहुंचाई जाती थी. हालांकि, यहां यह भी ध्यान देने वाली बात ये है कि एपस्टीन को मोसाद का एजेंट साबित करने वाले दस्तावेज का आधार एक सूत्र के द्वारा सुनी गई बातचीत है. दरअसल, इस दस्तावेज में यह भी दावा किया गया कि हार्वर्ड लॉ प्रोफेसर एलन डर्शोविट्ज के भी मोसाद के संबंध थे. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है.

FBI के आरोपो पर इजरायली पीएम का बयान

FBI दस्तावेजों में एप्सटीन और मोसाद के संबंध को इजरायली पीएम बेंजामिन नतन्याहू  ने पूरी तरह नकार दिया है. उन्होंने कहा, "एहुद बराक के साथ जेफ़री एप्सटीन के असामान्य घनिष्ठ संबंध से यह नहीं पता चलता कि एप्सटीन ने इज़राइल के लिए काम किया था. यह विपरीत सिद्ध होता है.  दो दशक से अधिक समय पहले अपनी चुनावी हार से परेशान बराक ने वर्षों से निर्वाचित इजरायली सरकार को उखाड़ फेंकने के असफल प्रयासों में ज़ायोनी-विरोधी कट्टरपंथी वामपंथियों के साथ काम करके इजरायली लोकतंत्र को कमजोर करने का जुनूनी प्रयास किया है."

वो आगे लिखते हैं, "बराक की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ने उन्हें सार्वजनिक रूप से और पर्दे के पीछे से इज़राइल की सरकार को कमजोर करने की गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, जिसमें बड़े पैमाने पर विरोध आंदोलनों को बढ़ावा देना, अशांति फैलाना और झूठे मीडिया आख्यानों को बढ़ावा देना शामिल था."

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