India Pakistan war like situation: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 हिंदू पर्यटकों की निर्मम हत्या के बाद देश की सुरक्षा स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. इसी संदर्भ में भारत सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल कराने का फैसला लिया है, जिसका उद्देश्य है—युद्ध जैसी आपात स्थिति में नागरिकों और प्रशासन को तैयार करना.
क्या है मॉक ड्रिल का मकसद?
गृह मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास लोगों को हवाई हमलों या युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करेगा. यह ड्रिल 7 मई, बुधवार को शाम के समय आयोजित होगी. इस दौरान देश के 244 सीमावर्ती जिलों में सायरन बजेंगे, ब्लैकआउट किया जाएगा और नागरिकों को आपातकालीन शेल्टर में जाने का अभ्यास कराया जाएगा.
क्यों हो रही है ये मॉक ड्रिल?
भारत सरकार ने पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया है, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं—सिंधु जल संधि निलंबित कर दी गई, राजनयिक रिश्ते कम कर दिए गए, व्यापार बंद कर दिया गया और पाकिस्तानी विमानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र को भी बंद कर दिया गया है. इन कदमों को पाकिस्तान ने युद्ध जैसी कार्रवाई कहा है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.
ऐसी संवेदनशील स्थिति में केंद्र सरकार ने तय किया है कि जनता और प्रशासन दोनों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार किया जाए. इस तरह की राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल इससे पहले सिर्फ 1971 में हुई थी—जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. 54 साल बाद यह पहली बार है जब देश इस स्तर पर युद्ध अभ्यास कर रहा है.
कहां-कहां होगी यह मॉक ड्रिल?
ड्रिल उन 244 जिलों में आयोजित होगी जो सीमावर्ती या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं. हालांकि केंद्र सरकार ने पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन कुछ संभावित जिले सामने आए हैं:
कैसे जानें कि आपके जिले में ड्रिल होगी या नहीं?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके जिले में यह मॉक ड्रिल हो रही है, तो अपने जिला प्रशासन की वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट, या स्थानीय समाचार पत्रों पर नज़र रखें. गृह मंत्रालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे पहले से नागरिकों को सूचित करें, ताकि घबराहट की स्थिति न बने.
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