Vishwakarma Puja: विश्वकर्मा पूजा आज, मशीनों और औजारों को ऐसे करें पूजा, इन चीजों का रखें ध्यान

Vishwakarma Puja: विश्वकर्मा पूजा के लिए आज सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक शुभ समय रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:51 बजे से 12:40 बजे तक है. जानें कारखाने, दुकान और कार्यस्थल पर पूजा की आसान विधि.

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Vishwakarma Puja: विश्वकर्मा पूजा आज यानी 17 सितंबर, गुरुवार को कन्या संक्रांति के साथ मनाई जा रही है. भगवान विश्वकर्मा को शिल्प, निर्माण और यंत्रों का देवता माना जाता है. यही वजह है कि इस दिन कारखानों, दुकानों, वर्कशॉप और दूसरे कार्यस्थलों पर मशीनों, औजारों, वाहनों और उपकरणों की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कामकाज में तरक्की और सुख-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं.

विश्वकर्मा पूजा को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता पूजा के सही मुहूर्त को लेकर रहती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ समय में पूजा करने से उसका विशेष फल प्राप्त होता है. ऐसे में अगर आप भी आज अपने कार्यस्थल पर विश्वकर्मा पूजा करने जा रहे हैं, तो आइए जानते हैं पूजा का शुभ समय, अभिजीत मुहूर्त और आसान पूजा विधि.

विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त

विश्वकर्मा पूजा के लिए आज सुबह 07:58 बजे से शुभ समय शुरू होगा. पूजा के लिए सबसे उत्तम अवधि सुबह 07:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगी. इस दौरान अपनी सुविधा के अनुसार कारखाने, दुकान या कार्यस्थल पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जा सकती है.

वहीं आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं में अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए विशेष माना गया है. ऐसे में जो लोग सुबह के समय पूजा नहीं कर पाएं, वे इस अवधि में भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर सकते हैं.

ऐसे करें कार्यस्थल पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा

पूजा से पहले स्नान करके तन और मन से शुद्ध होकर कार्यस्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें. इसके बाद पूजा के लिए एक साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान विश्वकर्मा तथा भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. गणेश जी की पूजा के बाद भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजन करें.

पूजा के दौरान भगवान को रोली, अक्षत, चंदन, फूल और माला अर्पित करें. इसके बाद धूप और दीप जलाकर श्रद्धा के साथ पूजा करें. भगवान विश्वकर्मा का स्मरण करते हुए उनकी कथा का पाठ करें और अंत में आरती करें. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और साफ मन से की गई पूजा से भगवान विश्वकर्मा की कृपा प्राप्त होती है.

मशीनों और औजारों की भी करें पूजा

विश्वकर्मा पूजा में कार्यस्थल पर इस्तेमाल होने वाले औजारों, मशीनों, वाहनों और दूसरे उपकरणों का पूजन भी विशेष महत्व रखता है. पूजा के दौरान इन सभी पर रोली और चंदन से तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें. इसके बाद धूप-दीप दिखाकर भगवान विश्वकर्मा से कार्यस्थल की सुरक्षा और तरक्की की प्रार्थना करें.

पूजा पूरी होने के बाद भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं. आरती के बाद परिवार के सदस्यों, कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को प्रसाद वितरित करें. इस तरह श्रद्धा और परंपरा के साथ विश्वकर्मा पूजा संपन्न की जा सकती है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की कृपा से कार्यक्षेत्र में सुख-समृद्धि और उन्नति बनी रहती है.

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