15 मिनट में फैसला, नहीं तो गोली... अमेरिकी शर्तें मानकर बची वेनेजुएला के मंत्रियों की जान, ऑडियो लीक

वेनेजुएला की राजनीति और सत्ता संघर्ष से जुड़ा एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है.

Venezuelan ministers accepted American conditions Capture Maduro
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वेनेजुएला की राजनीति और सत्ता संघर्ष से जुड़ा एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है. देश की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह यह कहती नजर आ रही हैं कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान उन्हें और उनके मंत्रियों को जान से मारने की खुली धमकी दी गई थी.

ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस लीक वीडियो में रोड्रिग्ज दावा करती हैं कि जब तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों ने हिरासत में लिया, उस समय उन्हें और उनके करीबी सहयोगियों को सिर्फ 15 मिनट का वक्त दिया गया था. चेतावनी साफ थी- अगर अमेरिकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो सभी को गोली मार दी जाएगी.

दो घंटे की बैठक का लीक वीडियो

यह दावा एक ऐसी रिकॉर्डिंग में सामने आया है, जो करीब दो घंटे लंबी बैठक की बताई जा रही है. यह बैठक अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के सात दिन बाद वेनेजुएला में हुई थी.

इस वीडियो को सबसे पहले स्थानीय पत्रकारिता मंच ला होरा दे वेनेजुएला ने रिपोर्ट किया. रिकॉर्डिंग संभवतः किसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म पर की गई थी. बैठक के दौरान कुछ लोग कमरे में मौजूद थे, जबकि कई अन्य लोग ऑनलाइन जुड़े हुए थे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो सार्वजनिक कैसे हुआ या इसे किसने लीक किया.

“15 मिनट में फैसला करो, वरना मार दिए जाओगे”

वीडियो में डेल्सी रोड्रिग्ज यह कहती नजर आती हैं कि अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें, तत्कालीन गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो, और उनके भाई जॉर्ज रोड्रिग्ज को सीधी चेतावनी दी थी.

उनके मुताबिक, “हमें 15 मिनट दिए गए थे. कहा गया- या तो जवाब दो, या फिर गोली मार दी जाएगी. मुझे बताया गया कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को मार दिया गया है और अब हमारी बारी है.”

इस दावे ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इसमें सत्ता के शीर्ष स्तर पर सीधे जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया है.

“देश को बचाने के लिए शर्तें माननी पड़ीं”

रोड्रिग्ज वीडियो में यह भी कहती हैं कि अमेरिकी हमले के बाद जब उन्होंने सत्ता संभाली, तो तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी प्रशंसा की थी. उनका कहना है कि इसकी वजह यह थी कि उन्होंने अमेरिका की कई शर्तों को स्वीकार कर लिया था.

रोड्रिग्ज के शब्दों में, “धमकियां और ब्लैकमेलिंग लगातार हो रही थीं. मुझे झुकना पड़ा, क्योंकि देश को आंतरिक संघर्ष और गृहयुद्ध से बचाना जरूरी था. उस वक्त मेरी प्राथमिकता राजनीतिक सत्ता को बचाए रखना थी.”

देशद्रोह के आरोपों का डर

इससे पहले मीडिया में यह खबरें भी आई थीं कि मादुरो की गिरफ्तारी से पहले डेल्सी रोड्रिग्ज और उनके भाई ने ट्रंप प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिया था.

हालांकि, लीक वीडियो से यह भी जाहिर होता है कि सरकार में बचे हुए नेता इस बात को लेकर बेहद डरे हुए थे कि कहीं उन्हें देशद्रोही करार न दे दिया जाए. वे इस दुविधा में थे कि सत्ता बचाने का फैसला इतिहास उन्हें किस रूप में याद रखेगा.

संचार मंत्री ने किया रोड्रिग्ज का बचाव

वीडियो में वेनेजुएला के संचार मंत्री फ्रेडी नान्येज भी नजर आते हैं. वह रोड्रिग्ज के समर्थन में बोलते हुए कहते हैं कि उनके खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों को तुरंत रोका जाना चाहिए.

नान्येज का कहना है कि डेल्सी रोड्रिग्ज ही ऐसी नेता हैं, जो राष्ट्रपति और प्रथम महिला को सुरक्षित वापस देश ला सकती हैं. उनके अनुसार, मौजूदा हालात में रोड्रिग्ज पर सवाल उठाना गलत और नुकसानदायक है.

30 मिनट में मादुरो की गिरफ्तारी का दावा

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 जनवरी को इस ऑपरेशन की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि जब अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की, उस वक्त मादुरो राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे, जो एक किले की तरह सुरक्षित था.

ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति भवन के भीतर एक खास सेफ रूम था, जिसकी दीवारें पूरी तरह स्टील से बनी थीं. मादुरो उस कमरे में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी सैनिक इतनी तेजी से अंदर पहुंचे कि वे दरवाजा बंद भी नहीं कर पाए.

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