Gallantry Awards: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जवानों की बहादुरी और अदम्य साहस के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है. इनमें 9 कीर्ति चक्र और 19 शौर्य चक्र शामिल हैं. इन पुरस्कारों में कई जवानों को मरणोपरांत सम्मान दिया जाएगा.
इस बार राजपूताना राइफल्स के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा. वह फिलहाल 44 असम राइफल्स में तैनात हैं. इसके अलावा सेना के बहादुर डॉग टायसन को भी सम्मान दिया जाएगा.
9 जवानों को मिलेगा कीर्ति चक्र
इस बार कुल 9 कीर्ति चक्र दिए जाएंगे. इनमें 7 पुरस्कार मरणोपरांत हैं. वहीं, 19 शौर्य चक्र में एक मरणोपरांत पुरस्कार शामिल है. कीर्ति चक्र पाने वाले जवानों में लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज फ्रांसिस, मेजर जितेंद्र राठी, हवलदार गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, एसजी कांस्टेबल जसवंत सिंह, एसजी कांस्टेबल बलविंदर सिंह, एसजी कांस्टेबल तारिक हुसैन, हेड कांस्टेबल बशीर अहमद और एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार शामिल हैं.
इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज फ्रांसिस और मेजर जितेंद्र राठी को यह सम्मान जीवित रहते दिया जाएगा, जबकि बाकी सात जवानों को मरणोपरांत कीर्ति चक्र मिलेगा.
Lieutenant Colonel Maneo Francis PF, SC, the Assault Team Commander of 21 a Parachute Regiment (Special Forces) awarded with Kirti Chakra. pic.twitter.com/PdMbzkFY6S
— ANI (@ANI) August 14, 2026
दूसरे वीरता और सेवा पुरस्कार भी शामिल
78 पुरस्कारों में वीरता पुरस्कारों के अलावा 36 सेवा पदक भी शामिल हैं. इसके साथ ही नौसेना के तीन मेडल और वायु सेना के पांच मेडल भी दिए जाएंगे. इन पुरस्कारों के जरिए देश की रक्षा और सुरक्षा में असाधारण योगदान देने वाले जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है.
कब शुरू हुए वीरता पुरस्कार?
भारत में वीरता पुरस्कारों की शुरुआत गणतंत्र बनने के बाद हुई. 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ और देश गणतंत्र बना. इसके बाद जवानों की बहादुरी को सम्मान देने के लिए परमवीर चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र जैसे पुरस्कार शुरू किए गए.
परमवीर चक्र देश का सबसे बड़ा सैन्य वीरता पुरस्कार है. दुश्मन के खिलाफ युद्ध के दौरान असाधारण साहस और वीरता दिखाने वाले जवानों को यह सम्मान दिया जाता है. इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी.
महावीर चक्र सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों को असाधारण वीरता के लिए दिया जाता है. यह चांदी से बना गोलाकार पदक होता है और इसे सफेद व नारंगी रंग के फीते के साथ पहना जाता है.
Major Jitendra Rathee of 2 Para (Special Forces) awarded with Kirti Chakra. pic.twitter.com/mlWgNh8Svo
— ANI (@ANI) August 14, 2026
कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र में क्या अंतर?
कीर्ति चक्र जवानों को शांतिकाल में असाधारण वीरता और साहस के लिए दिया जाता है. यह सेना, नौसेना, वायु सेना और रिजर्व बलों के अधिकारियों और जवानों को दिया जा सकता है. इसकी शुरुआत 4 जनवरी 1952 को हुई थी.
वीर चक्र युद्ध के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने वाले जवानों को दिया जाता है. यह गोलाकार पदक होता है, जिसके बीच में पांच नोक बनी होती हैं. इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी.
वहीं शौर्य चक्र भी शांतिकाल में बहादुरी के लिए दिया जाने वाला वीरता पुरस्कार है. कांसे से बना यह गोलाकार पदक सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों को उनके अदम्य साहस के लिए दिया जाता है. शौर्य चक्र की शुरुआत 4 जनवरी 1950 को हुई थी.
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