Uniform Civil Code: लिव इन के बाद प्रेग्नेंट महिला को छोड़ा... और बच्चा हुआ पैदा तो क्या होगा? जानें सबकुछ

Uniform Civil Code: लिव इन के बाद प्रेग्नेंट महिला को छोड़ा... और बच्चा हुआ पैदा तो क्या होगा? जानें सबकुछ

देहरादून, भारत 24 डिजिटल डेस्क: उत्तराखंड  की भाजपा सरकार ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का बिल विधानसभा में पेश किया.  विधेयक के कानून बन जाने के बाद विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों को लेकर सभी धर्मों के लोगों के लिए एक ही नियम होंगे.  खास बात यह है कि यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भी कई प्रावधान किए गए हैं. इसके लिए प्रक्रिया तय की जानी है. चलिए जानते हैं...

लिव इन रिलेशन को रजिस्टर कराना

समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में लिव इन रिलेशनशिप का वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. वहीं अगर रिलेशन को खत्म किया जाएगा तो भी इसकी जानकारी रजिस्ट्रार को देनी अनिवार्य होगी.  इसकी सूचना थाने को भी दी जाएगी. वहीं अगर लिव इन पार्टनर में किसी एक की भी उम्र 21 साल से कम होगी तो उनके परिवार वालों को इसकी सूचना दी जाएगी. अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन के एक साथ रहता है तो इसके लिए छह महीने का कारावास और 25 हजार का दंड या फिर दोनों हो सकते हैं.

बच्चे को मिलेगा पूरा अधिकार

लिव इन रिलेशन के दौरान अगर कोई महिला प्रेग्नेंट हो जाती है तो इसके लिए भी धामी सरकार ने बड़ा फैसल लिया है. ऐसे में महिला और बच्चे की सुरक्षा के लिए पुरुष की संपत्ति में अधिकार दिया जाएगा. वहीं अगर किसी महिला को पुरुष पार्टनर छोड़ देता है तो वह भरण- पोषण की मांग के लिए कोर्ट में अपना दावा पेश कर सकती है. लिव इन से पैदा हुआ बच्चा वैध होगा. यानी शादी के बाद पैदा हुए बच्चे की तरह ही पिता को उसका भरण-पोषण करना होगा और संपत्ति में अधिकार देना होगा.