उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे सफर को मातम में बदल दिया. भवालीगांव-सेनिटोरियम बाईपास पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार दंपती, उनके बेटे-बेटी और चालक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए.
कैंप साइट जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक खटीमा के मेन बाजार निवासी भूपेंद्र चुफाल अपनी पत्नी सीमा, पुत्र वाशु और पुत्री रावी के साथ भवाली के दुनिखाल स्थित अपने साले की कैंप साइट जा रहे थे. कार को लखनऊ निवासी अनुज कुमार चला रहा था. बताया जा रहा है कि ढेला गांव के पास एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और एसएसबी की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया.
घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन
खाई काफी गहरी होने के कारण राहत कार्य में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. स्थानीय नागरिकों की मदद से पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने सभी शवों को खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया. सीओ रविकांत सेमवाल ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खोना माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. इस दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं और पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया.
मृतकों के नाम
सीएम धामी ने दुख जताया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- 'नैनीताल में वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. स्थानीय प्रशासन व एसडीआरएफ द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है. ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.'
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