पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान ढेर, PoK के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या

Terrorist Hamza Burhan Shot Dead in Pakistan: हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने उस समय निशाना बनाया जब वह मुजफ्फराबाद में मौजूद था. हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

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Terrorist Hamza Burhan Shot Dead in Pakistan: साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले ने पूरे भारत को गहरे जख्म दिए थे. उस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे और देशभर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी. अब उसी हमले से जुड़े बताए जा रहे आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. 

सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने उस समय निशाना बनाया जब वह मुजफ्फराबाद में मौजूद था. हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई, लेकिन हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे असली वजह क्या थी, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

पुलवामा हमले से जुड़ा था नाम

हमजा बुरहान का नाम लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों से जोड़ा जाता रहा है. बताया जाता है कि वह पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था और पुलवामा हमले की साजिश में उसकी अहम भूमिका थी. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. यह कार्रवाई भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का बड़ा कारण बनी थी और पूरी दुनिया की नजरें दक्षिण एशिया पर टिक गई थीं.

अर्जुमंद गुलजार डार था असली नाम

हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार बताया जाता है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा था और आतंकियों की भर्ती कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाता था. साल 2022 में भारत सरकार ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था.

जानकारी के मुताबिक वह अल बद्र आतंकी संगठन का कमांडर भी था. उस पर पुलवामा में हुए ग्रेनेड हमलों और कई अन्य आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे. सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं.

मेडिकल संस्थान में था प्रिंसिपल

चौंकाने वाली बात यह है कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के बावजूद हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद के अब्बास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में प्रिंसिपल के पद पर तैनात था. यही वजह है कि उसकी पहचान केवल एक आतंकी के तौर पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान में संस्थागत संरक्षण पाने वाले व्यक्ति के रूप में भी देखी जा रही थी.

पाकिस्तान में बढ़ रहे रहस्यमयी हमले

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है. कुछ मामलों में गैंगवार की बात सामने आई, जबकि कई घटनाओं में अज्ञात हमलावरों ने टारगेट किलिंग को अंजाम दिया. इससे आतंकी संगठनों के भीतर चल रहे संघर्ष और आपसी अविश्वास की चर्चाएं भी तेज हुई हैं. हमजा बुरहान की हत्या भी ऐसे ही समय में हुई है, जब पाकिस्तान में कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कई लोग लगातार निशाने पर आ रहे हैं. हालांकि इस हमले के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर अभी केवल अटकलें ही लगाई जा रही हैं.

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