Heatwave in India: मई का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन उत्तर भारत में गर्मी ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं. सुबह से ही आसमान से आग बरस रही है और दोपहर होते-होते सड़कें तवे की तरह तपने लगती हैं. दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र तक हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. मौसम विभाग ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिन और ज्यादा कठिन हो सकते हैं.
यूपी में सबसे ज्यादा तप रहा बांदा
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण हीटवेव की सबसे बड़ी मार झेल रहा है. बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है, जहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. गर्म हवाओं ने लोगों का बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है. सड़कें दोपहर में लगभग खाली दिखाई दे रही हैं और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.
मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, हमीरपुर, जालौन, महोबा और झांसी जैसे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक इन इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रह सकता है. प्रशासन ने लोगों को जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है.
दिल्ली-NCR में गर्मी का कहर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रही लू ने राजधानी को भट्ठी में बदल दिया है. दिन के समय सड़क पर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट को बढ़ाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया है. IMD के अनुसार राजधानी का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. अगले दो दिनों तक अत्यधिक हीटवेव की आशंका जताई गई है, जबकि उसके बाद भी गर्म हवाओं का असर बना रहेगा.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना बेहद कम है. गर्म रातें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं, क्योंकि तापमान रात में भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है.
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी तपिश से बेहाल लोग
राजस्थान में भी सूरज का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. चित्तौड़गढ़ में तापमान 46.3 डिग्री दर्ज किया गया. कई शहरों में रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही.
पंजाब और हरियाणा में भी पारा 47 डिग्री के करीब पहुंच चुका है. खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन और चक्कर आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.
वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे जिलों में लू को लेकर चेतावनी जारी की गई है. डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है.
कहीं लू तो कहीं भारी बारिश
देशभर में मौसम इस समय दो अलग-अलग रूप दिखा रहा है. एक तरफ उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में हैं, तो दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
IMD के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और विदर्भ में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव तक की स्थिति बन सकती है. बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान करेगी.
इसके उलट पूर्वोत्तर भारत, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है.
क्यों बढ़ रही हीटवेव?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में हीटवेव अब केवल मौसमी घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत बनती जा रही है. हाल ही में सामने आए एक अध्ययन में बताया गया है कि एल नीनो-सदर्न ऑसिलेशन यानी ENSO के कारण देश में तापमान असामान्य रूप से बढ़ रहा है.
एल नीनो वाले वर्षों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी ज्यादा तीव्र और लंबे समय तक रहने लगती है. इसका असर खेती, पानी की उपलब्धता और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा पड़ता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में हीटवेव की घटनाएं और ज्यादा गंभीर हो सकती हैं.
बढ़ती गर्मी के बीच सतर्क रहने की जरूरत
भीषण गर्मी के इस दौर में विशेषज्ञ लगातार सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना, ज्यादा से ज्यादा पानी पीना और शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी हो गया है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं. ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करना चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए.
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