Uttarakhand: धामी कैबिनेट की बैठक में 8 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को भी मिली मंजूरी

Uttarakhand Cabinet Decisions: ​​​​​​​उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के दीर्घकालिक विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी.

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Uttarakhand Cabinet Decisions: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के दीर्घकालिक विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी. इन प्रस्तावों का सीधा असर राज्य के स्वास्थ्य, राजस्व, जनजाति कल्याण, उच्च शिक्षा, भू-जल संरक्षण, औद्योगिक विकास, रक्षा और हरित ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा.

शोक प्रस्ताव से कैबिनेट बैठक की शुरुआत 

बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पंवार के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ की गई. इसके बाद, राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा की गई और एक-एक प्रस्ताव पर विस्तृत निर्णय लिया गया.

स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी सुविधा का फैसला

स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिसमें सरकार ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत दी है. अब वे कर्मचारी, जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, आपसी सहमति से अपने जिले में ही स्थानांतरण करा सकेंगे. इससे विभागीय संतुलन में सुधार होगा और कर्मचारियों की कार्यसंतुष्टि में भी बढ़ोतरी होगी.

राजस्व विभाग में भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव

राजस्व विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. अब, भूमि अधिग्रहण के बिना, आपसी समझौते के तहत सीधे भूमि स्वामियों से जमीन खरीदी जा सकेगी. यह कदम प्रशासन को अधिक लचीलापन प्रदान करेगा और भूमि प्रबंधन की प्रक्रिया को सुगम बनाएगा. इसके अलावा, सिडकुल द्वारा दिए गए पराग फार्म की भूमि को अब किसी अन्य को बेचने या पट्टे पर देने की अनुमति नहीं होगी, हालांकि सिडकुल इसे सब-लीज कर सकेगी.

जनजाति कल्याण में नए पदों का सृजन

जनजाति कल्याण के क्षेत्र में, राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देहरादून और उधमसिंह नगर समेत चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पदों की स्वीकृति दी है. इस कदम से आदिवासी क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, जो इन क्षेत्रों के विकास में मददगार साबित होगा.

भू-जल संरक्षण के लिए नया फैसला

उत्तराखंड सरकार ने भू-जल संरक्षण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. अब, औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटियों में जल मूल्य प्रभार लगाया जाएगा, जबकि गैर-कृषि उपयोग के लिए इस शुल्क का प्रावधान नहीं होगा. इसके अलावा, भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर भी शुल्क लिया जाएगा, जो जल संकट को कम करने में मदद करेगा.

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके तहत जीआरडी को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा. यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विकास की नई राह खोलेगा. आगामी बजट सत्र में इस संशोधन को विधानसभा में पेश किया जाएगा.

रक्षा क्षेत्र में सामरिक बदलाव

रक्षा क्षेत्र को लेकर भी अहम फैसले लिए गए हैं. चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर सहमति बनी है. यह कदम राज्य की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई नीति

राज्य सरकार ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी दी है. इस नीति के तहत, राज्य में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा और सब्सिडी संबंधित निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिए जाएंगे.

कैबिनेट बैठक में राज्य के मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल और धन सिंह रावत भौतिक रूप से उपस्थित थे, जबकि सौरभ बहुगुणा और रेखा आर्य वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. बैठक के अंत में, महाराष्ट्र के पुणे में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पंवार के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और दो मिनट का मौन रखा गया. 

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