CM Yogi Janata Darshan: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची एक नन्ही बच्ची का मामला इन दिनों चर्चा में है. बच्ची स्कूल में दाखिले की मांग लेकर अपनी मां के साथ कार्यक्रम में आई थी. मुख्यमंत्री ने बच्ची की बात को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए.
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्ची से सहज बातचीत की. बच्ची ने मुख्यमंत्री के सामने आत्मविश्वास के साथ एक कविता सुनाई. बच्ची की मासूमियत और उत्साह देखकर मुख्यमंत्री भी भावुक नजर आए. बातचीत के बाद उन्होंने बच्ची को चॉकलेट देकर उसका हौसला बढ़ाया और अधिकारियों से कहा कि बच्चे के दाखिले की प्रक्रिया में किसी भी तरह की अड़चन न आने पाए.
#WATCH | Lucknow | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath's heartwarming interaction with a child seeking school admission during 'Janta Darshan'.
— ANI (@ANI) February 2, 2026
After the interaction, the CM ordered his officials to ensure the child gets school admission. pic.twitter.com/G4mfDvisne
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि बच्ची का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराया जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अभिभावकों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की बात कही है.
मां ने बताई पूरी कहानी
बच्ची की मां फराह मुशर्रफ ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बताया कि वे अपनी बेटी अनाबी अली का दाखिला लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में कराना चाहती थीं. किसी कारणवश दाखिले की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते वे मुख्यमंत्री से मदद की उम्मीद लेकर पहुंची थीं.
उन्होंने बताया कि बेटी ने मुख्यमंत्री के सामने कविता सुनाई और मुख्यमंत्री ने पूरे ध्यान से उनकी बात सुनी. फराह मुशर्रफ के अनुसार, मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद उन्हें राहत महसूस हुई है और अब उन्हें भरोसा है कि उनकी बेटी की पढ़ाई का रास्ता साफ हो जाएगा.
#WATCH | Lucknow | After meeting UP CM Yogi Adityanath during 'Janta Darshan', Farah Musharaf, Anabi Ali's mother, says, "We had come to meet the CM to seek admission for my daughter in Loreto Convent School. She recited a poem before the CM. She is keen to go to school. We are… pic.twitter.com/9qVqgUfy6f
— ANI (@ANI) February 2, 2026
शिक्षा को लेकर सरकार की संवेदनशीलता
इस पूरे घटनाक्रम से यह संदेश सामने आया है कि सरकार बच्चों की शिक्षा को लेकर संवेदनशील है. मुख्यमंत्री द्वारा खुद बच्ची से बात करना और तुरंत समाधान का भरोसा देना इस बात को दर्शाता है कि प्रशासन जमीनी स्तर की समस्याओं पर ध्यान दे रहा है.
जनता दर्शन का उद्देश्य
‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है. इस मामले में भी देखने को मिला कि एक आम परिवार अपनी बेटी की शिक्षा से जुड़ी समस्या लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचा और वहां से समाधान की उम्मीद जगी.
बच्चों के भविष्य से जुड़ा संदेश
इस घटना ने यह भी दिखाया कि शिक्षा से जुड़ी छोटी-सी समस्या भी किसी बच्चे के भविष्य को प्रभावित कर सकती है. प्रशासनिक सहयोग मिलने पर बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सकता है. मुख्यमंत्री की पहल से यह संदेश गया कि सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता देती है और जरूरतमंदों की मदद के लिए दरवाजे खुले हैं.
ये भी पढ़ें- पंजाब, सिंध, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान... चार टुकड़ों में बंटेगा पाकिस्तान? अंतिम लड़ाई शुरू!