Cm Yogi In Police Manthan 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के दूसरे और अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने इस दो दिवसीय सम्मेलन को एक अभिनव और दूरदर्शी पहल बताते हुए डीजीपी और पूरी पुलिस टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी.
उन्होंने कहा कि इस मंथन के दौरान जो विचार और रणनीतियां सामने आई हैं, वे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो दिनों में तैयार किया गया रोडमैप केवल वर्तमान चुनौतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यह मंथन उत्तर प्रदेश पुलिस को अधिक आधुनिक, संवेदनशील और तकनीक-सक्षम बनाने में सहायक होगा.
'पुलिस मंथन' वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के द्वितीय दिवस पर पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में आज आयोजित कार्यक्रम में सहभाग कर पुलिस अधिकारियों व जवानों को 'मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण' से सम्मानित किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 28, 2025
'पुलिस मंथन' के माध्यम से जो रोडमैप तैयार किया गया है, वह आदरणीय प्रधानमंत्री… pic.twitter.com/ORI3zAtlFc
पीएम मोदी की डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस से प्रेरित पहल
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘पुलिस मंथन’ कार्यक्रम की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस से मिली है. उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में यह मंथन आयोजित किया गया, ताकि यह समझा जा सके कि बदलते समय में पुलिस को किन नवाचारों और नई पहलों की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना अब सिर्फ परंपरागत तरीकों से संभव नहीं है. इसके लिए तकनीक, व्यवहार, संवाद और समय प्रबंधन, इन सभी पर समान रूप से काम करना होगा.
यूपी में 4 लाख की सिविल पुलिस फोर्स
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में करीब 4 लाख की सिविल पुलिस फोर्स कार्यरत है. इतनी बड़ी फोर्स के लिए सरकार ने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक संसाधन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. सम्मेलन के दौरान पुलिस के व्यवहार और जनता से संवाद को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं.
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में जनता की पुलिस के प्रति सोच में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है. यह बदलाव तभी संभव हुआ है, जब पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर, लेकिन नए और प्रभावी तरीकों से काम किया.
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टाइम मैनेजमेंट पर खास जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों से समय प्रबंधन को लेकर विशेष ध्यान देने की अपील की. उन्होंने एक रूपक के माध्यम से कहा कि जो व्यक्ति समय का ध्यान नहीं रखता, वह काल का शिकार हो जाता है. लेकिन अगर समय का सम्मान किया जाए, तो महाकाल भी सहयोग करते हैं.
उन्होंने कहा कि सम्मेलन का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि पुलिस अधिकारियों ने समय का सही उपयोग किया है और यही अनुशासन भविष्य में भी बनाए रखना होगा.
दंगों और अराजकता से बदली यूपी की छवि
सीएम योगी ने कहा कि अगर पहले की तरह प्रदेश में दंगे, गुंडागर्दी, अराजकता और महीनों तक लगने वाला कर्फ्यू चलता रहता, तो पुलिस के प्रति जनता की धारणा कभी नहीं बदल पाती. सरकार ने इस सोच को बदलने के लिए आउट ऑफ बॉक्स जाकर काम किया, लेकिन हमेशा कानून की सीमाओं के भीतर रहकर. उन्होंने कहा कि आज हर कोई स्वीकार करता है कि उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है. यह बदलाव मजबूत कानून-व्यवस्था और सक्रिय पुलिसिंग का परिणाम है.
सुरक्षा के बिना विकास संभव नहीं
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रदेश में सुरक्षा का माहौल न होता, तो आज इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा नहीं हो पाता. उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बेहतर एयर कनेक्टिविटी वाले राज्यों में शामिल है और आने वाले महीने में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी शुरू होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि निवेशक आज यूपी में निवेश के लिए इसलिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि यहां कानून का राज है, सुरक्षा है और धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है.
कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त रुख
योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा कि जिसने भी कानून को ठेंगा दिखाने की कोशिश की, यूपी पुलिस ने उसका गिरेबान पकड़कर उसे कानून के दायरे में लाने का काम किया है. उन्होंने बताया कि उन्हें अधिकतर सूचनाएं ह्यूमन इंटेलिजेंस के माध्यम से मिलती हैं. इसी कारण वे जनता दरबार के जरिए सीधे आम लोगों से संवाद करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ह्यूमन इंटेलिजेंस को मजबूत करने के लिए निरंतर संवाद बेहद जरूरी है.
संवाद और समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीस कमेटी की बैठकें केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल मुख्यालय में बैठकर प्रभावी पुलिसिंग संभव नहीं है. थाना, सर्किल और पुलिस लाइन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. यही समन्वय कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की असली कुंजी है.
पुलिसिंग में राजनीतिक हस्तक्षेप कम किया
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने पुलिसिंग में राजनीतिक हस्तक्षेप को न्यूनतम किया है. अफसरों को कम से कम दो साल की स्थिर तैनाती दी गई है, ताकि वे बिना दबाव के काम कर सकें.
उन्होंने कहा कि जब किसी अच्छे अधिकारी का तबादला होता है, तो सिफारिशें आती हैं, लेकिन जब किसी भ्रष्ट और अयोग्य अधिकारी को हटाया जाता है, तो आम लोग खुद आकर बताते हैं कि वह अधिकारी कितना गलत था.
इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार के आने से पहले प्रदेश के 10 ऐसे जिले थे, जहां दशकों से पुलिस लाइन नहीं बन पाई थी. अब वहां पुलिस लाइन का निर्माण कराया गया है. इसके साथ ही ह्यूमन रिसोर्स बढ़ाने पर भी काम किया गया है. यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है. मिशन शक्ति के तहत कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी उपलब्ध कराने पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया, ताकि वे और अधिक आत्मनिर्भर बन सकें.
‘पुलिस मंथन’ को वार्षिक कार्यक्रम बनाने की सलाह
योगी आदित्यनाथ ने सुझाव दिया कि ‘पुलिस मंथन’ को हर साल पुलिस कैलेंडर का हिस्सा बनाया जाए और हर वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में इसका आयोजन हो. साथ ही इस मंच पर पुलिस द्वारा किए गए अच्छे कार्यों और नवाचारों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए.
Yaksh ऐप और Crime GPT का शुभारंभ
इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने Yaksh ऐप लॉन्च किया. इस ऐप के माध्यम से बीट सिपाही से लेकर जोनल स्तर के अधिकारी तक किसी भी अपराधी का पूरा विवरण एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे.
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