गुड न्यूज़! यूपी में सहायक अध्यापक के 11,508 पदों पर भर्ती की तैयारी, अनुदेशकों की भी होगी नियुक्ति

यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग ने शहरों के स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. खबरों के अनुसार नगरीय परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10,000 अनुदेशकों की नियुक्ति की योजना बनाई जा रही है.

Uttar Pradesh assistant teacher and instructor recruitment detail
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लखनऊ: यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग ने शहरों के स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. खबरों के अनुसार नगरीय परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10,000 अनुदेशकों की नियुक्ति की योजना बनाई जा रही है. यह कदम विभाग की तरफ से लंबे समय बाद की जा रही सीधी भर्ती का हिस्सा है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है.

सभी जिलों से भेजा गया खाली पदों का विवरण

राज्य के 75 जिलों से खाली पदों का ब्योरा आयोग को भेज दिया गया है. अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और इसके लिए आधिकारिक नोटिस जारी किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं.

भर्ती का मकसद और महत्व

इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य नगरीय स्कूलों में बढ़ती छात्र संख्या के बीच शिक्षकों की कमी को दूर करना है. कई स्कूलों में लंबे समय से पद खाली हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. विभाग का मानना है कि नई नियुक्तियों से पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा और बच्चों को नियमित शिक्षक मिल सकेंगे. जरूरत पड़ने पर आगे भी भर्ती की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

नोटिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया

भर्ती से जुड़ा आधिकारिक नोटिफिकेशन बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा. अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि नोटिस आते ही आवेदन कर सकें. नोटिफिकेशन में भर्ती की प्रक्रिया, योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी विस्तार से दी जाएगी.

किन जिलों में सबसे ज्यादा पद खाली?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सबसे अधिक पद बरेली (888) में हैं. इसके बाद कानपुर नगर (758), मेरठ (635), अलीगढ़ (492), सहारनपुर (448), लखनऊ (444), गाजियाबाद (405), आगरा और फर्रुखाबाद (315-315), मथुरा (255), बुलंदशहर और फिरोजाबाद (245-245), जालौन (232) और अमरोहा (230) शामिल हैं.

इसके अलावा बदायूं (196), मुजफ्फरनगर (186), गोरखपुर और हरदोई (166-166), पीलीभीत (166), लखीमपुर खीरी (154), सिद्धार्थनगर (152), एटा और जौनपुर (151-151), बहराइच (140), बस्ती और देवरिया (131-131), रामपुर (129), कासगंज (128), मुरादाबाद (127), इटावा (125), शाहजहांपुर (123), आजमगढ़ और बलिया (122-122) में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं.

छोटे जिलों में भी मौके हैं. जैसे हापुड़ (108), प्रतापगढ़ (107), हमीरपुर (105), फतेहपुर (95), रायबरेली (91), भदोही (79), कौशांबी (75), ललितपुर (68), गोंडा और शामली (66-66), मैनपुरी (64), संतकबीरनगर (62), बिजनौर (59), महोबा (56), गाजीपुर, मऊ और बांदा (52-52), अयोध्या और बलरामपुर (52-52). वहीं कुछ जिलों में कम पद हैं, जैसे गौतमबुद्धनगर (6), कुशीनगर (8), कानपुर देहात (12), चंदौली (15), महाराजगंज (19), सोनभद्र (20) और श्रावस्ती (2).

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