ब्रह्मोस से लेकर आकाशतीर तक... दुनिया में बज रहा भारतीय हथियारों का डंका, UAE के साथ होगी बड़ी डील?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है.

UAE may buy BrahMos missiles and the Akash Teer air defence system from India
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है. दोनों देशों के बीच इस संबंध में बातचीत चल रही है.

सूत्रों के अनुसार, भारत और यूएई के बीच रक्षा सौदे को लेकर शुरुआती स्तर की चर्चा तेजी से आगे बढ़ रही है. अगर यह समझौता होता है, तो यह भारत के बड़े रक्षा निर्यात सौदों में शामिल हो सकता है.

भारत के रक्षा उपकरणों की बढ़ती मांग और उनकी क्षमताओं को देखते हुए यूएई भारतीय सिस्टम में रुचि दिखा रहा है.

ईरान-इजराइल तनाव के बाद बढ़ी चिंता

हाल के महीनों में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है. मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यूएई अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहता है.

ऊर्जा आपूर्ति मार्गों, समुद्री व्यापार और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा के लिए आधुनिक रक्षा प्रणालियों की जरूरत महसूस की जा रही है.

UAE के पास पहले से मौजूद हैं आधुनिक सिस्टम

यूएई के पास पहले से कई उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें लंबी दूरी और मध्यम दूरी के खतरों से निपटने वाली प्रणालियां शामिल हैं.

इसके बावजूद यूएई अब अपने रक्षा साझेदारों का दायरा बढ़ाना चाहता है और भारत को एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देख रहा है.

क्या है आकाशतीर सिस्टम?

आकाशतीर कोई मिसाइल नहीं है, बल्कि एक आधुनिक एयर डिफेंस कमांड और कंट्रोल सिस्टम है.

इसका काम अलग-अलग रडार, सेंसर और एयर डिफेंस हथियारों से मिलने वाली जानकारी को एक जगह जोड़ना है. इससे किसी भी खतरे की जल्दी पहचान होती है और समय रहते जवाबी कार्रवाई करना आसान हो जाता है.

ड्रोन और मिसाइल हमलों से निपटने में मददगार

आज के दौर में ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों के संयुक्त हमले बड़ी चुनौती बन चुके हैं. ऐसे में सिर्फ हथियार ही नहीं, बल्कि मजबूत कमांड और कंट्रोल नेटवर्क भी जरूरी होता है.

आकाशतीर इसी भूमिका को मजबूत करने वाला सिस्टम माना जाता है.

ब्रह्मोस से बढ़ेगी मारक क्षमता

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है. इसे जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है.

अपनी तेज रफ्तार और सटीक निशाने की वजह से ब्रह्मोस कई देशों की रुचि का केंद्र बनी हुई है. यूएई के लिए यह लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ा सकती है.

भारत के लिए क्यों है अहम?

यूएई के साथ संभावित रक्षा समझौता भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और मजबूत होगा.

साथ ही भारत के रक्षा निर्यात को भी बड़ा बढ़ावा मिल सकता है. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और कई देश भारतीय रक्षा प्रणालियों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

रक्षा निर्यात में भारत की बढ़ती ताकत

भारत लगातार अपने रक्षा उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. ब्रह्मोस जैसे उन्नत हथियारों की मांग बढ़ना इस दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है.

अगर यूएई के साथ यह सौदा पूरा होता है, तो यह भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है.

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