आपके घर में भी लगा है इस कंपनी का राउटर तो हो जाएं सतर्क, इन तरीकों से खुद को 10 मिनट में करें सेफ

हाल के दिनों में TP-Link राउटर को लेकर जो विवाद उठे हैं, उन्होंने इंटरनेट और साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यह ब्रांड भारत में खासा लोकप्रिय है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके राउटर की सुरक्षा पर संदेह बढ़ रहा है.

Using this router could put you at serious risk learn how to protect yourself
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हाल के दिनों में TP-Link राउटर को लेकर जो विवाद उठे हैं, उन्होंने इंटरनेट और साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यह ब्रांड भारत में खासा लोकप्रिय है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके राउटर की सुरक्षा पर संदेह बढ़ रहा है. अमेरिका में तो यहां तक कहा गया कि चीनी कंपनियों के राउटर से नागरिकों की जासूसी हो सकती है. हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन यह चर्चा यूज़र्स की चिंता को बढ़ा रही है. ऐसे में यह जरूरी है कि TP-Link राउटर का इस्तेमाल करने वाले भारतीय यूज़र्स अपनी डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहें.

पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि TP-Link राउटर को पूरी तरह से इस्तेमाल करना बंद करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर साइबर खतरे लापरवाही से उत्पन्न होते हैं, न कि डिवाइस से. इसका मतलब है कि अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं, तो आप अपने राउटर को पूरी तरह से सुरक्षित बना सकते हैं.

राउटर को अपडेट रखें: सुरक्षा की पहली सीढ़ी

राउटर के सुरक्षा पैच और अपडेट्स को नजरअंदाज करना एक बड़ी गलती हो सकती है. TP-Link या किसी भी राउटर निर्माता कंपनी नियमित रूप से सुरक्षा पैच जारी करती है. इन्हें समय रहते अपडेट करना बेहद जरूरी है, क्योंकि ये पैच नए खतरों से आपकी सुरक्षा करते हैं. इसलिए, राउटर को हमेशा अपडेट रखें, ताकि आपको नए साइबर खतरे से बचाव मिल सके.

नेटवर्क को अलग-अलग रखें

सुरक्षा बढ़ाने का एक और प्रभावी तरीका है कि आप अपने नेटवर्क को अलग-अलग रखें. एक नेटवर्क अपने लैपटॉप, फोन और अन्य जरूरी डिवाइस के लिए बनाएं, जबकि स्मार्ट डिवाइस जैसे स्मार्ट बल्ब, कैमरा, या स्मार्ट फ्रिज को एक अलग नेटवर्क पर जोड़ें. इसका फायदा यह है कि यदि स्मार्ट डिवाइस में कोई सुरक्षा खामी हो, तो भी वह आपकी मुख्य डिवाइस तक नहीं पहुंच पाएगी.

पासवर्ड सुरक्षा: पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम

राउटर की सुरक्षा का सबसे अहम हिस्सा उसका पासवर्ड होता है. डिफॉल्ट पासवर्ड कभी भी इस्तेमाल न करें. राउटर के एडमिन पैनल में जाकर एक लंबा और मजबूत पासवर्ड सेट करें. साथ ही, अपने Wi-Fi को WPA2 या WPA3 सुरक्षा में सेट करें, और WPS जैसे फीचर्स को बंद कर दें. ये कदम राउटर को बाहरी खतरों से बचाने में मदद करेंगे.

रिमोट मैनेजमेंट और UPnP फीचर को बंद करें

यदि आपको रिमोट मैनेजमेंट की जरूरत नहीं है, तो उसे ऑफ कर देना ज्यादा सुरक्षित रहेगा. इसके अलावा, राउटर का UPnP (Universal Plug and Play) फीचर भी बंद कर दें. यह फीचर बिना अनुमति के पोर्ट को अपने आप खोल सकता है, जिससे आपकी नेटवर्क सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है.

IoT डिवाइस के लिए क्लाइंट आइसोलेशन और DNS-over-HTTPS

IoT डिवाइस के लिए क्लाइंट आइसोलेशन फीचर को ऑन कर देना चाहिए. इससे यह सुनिश्चित होता है कि आपके स्मार्ट डिवाइस आपस में कनेक्ट नहीं हो पाएंगे, और इससे नेटवर्क की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है. इसके अलावा, DNS-over-HTTPS फीचर को ऑन करना भी सुरक्षा को बढ़ाता है.

मासिक सुरक्षा चेक और कनेक्टेड डिवाइस की लिस्ट

राउटर की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए महीने में एक बार अपडेट चेक करना जरूरी है. इसके अलावा, समय-समय पर कनेक्टेड डिवाइस की लिस्ट को भी चेक करते रहें, ताकि आप यह सुनिश्चित कर सकें कि कोई अनचाही डिवाइस आपके नेटवर्क से जुड़ी हुई न हो.

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