'ईरान में नई लीडरशिप का समय आ गया...' ट्रंप ने खामेनेई को बताया बीमार आदमी, तख्तापलट का प्लान तैयार?

वॉशिंगटन से एक बड़ा और तीखा बयान सामने आया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है.

US Trump called Khamenei a sick man Iran coup plan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Bharat 24

वॉशिंगटन से एक बड़ा और तीखा बयान सामने आया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है. यह पहली बार है जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से और सीधे तौर पर खामेनेई के शासन के अंत की बात कही है. उन्होंने कहा है कि ईरान में अब नए नेतृत्व का समय आ गया है.

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईरान में बीते कई हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और देश गंभीर राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है.

पॉलिटिको को इंटरव्यू में बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बातें पॉलिटिको को दिए गए एक इंटरव्यू में कहीं. ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए कि वह ईरान में मौजूदा सत्ता व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं और वहां बदलाव देखना चाहते हैं. उनके इस बयान को ईरान में सत्ता परिवर्तन की खुली वकालत के तौर पर देखा जा रहा है.

ट्रंप ने कहा कि ईरान में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि अब नए नेतृत्व की जरूरत महसूस हो रही है. उन्होंने यह भी इशारा किया कि मौजूदा नेतृत्व अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा ले रहा है.

हमले का विचार क्यों छोड़ा?

ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने के विचार को फिलहाल टाल दिया है. इसके पीछे उन्होंने दावा किया कि ईरान सरकार ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को सामूहिक रूप से फांसी देने की योजना को छोड़ दिया था.

ट्रंप के अनुसार, “सबसे अच्छी बात यह रही कि दो दिन पहले 800 से ज्यादा लोगों को फांसी नहीं दी गई.”

इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों की हत्या करती है तो अमेरिका हमला कर सकता है. उन्होंने ईरान के लोगों से सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील भी की थी और कहा था कि मदद रास्ते में है.

खामेनेई पर देश को बर्बाद करने का आरोप

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने खामेनेई पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मौजूदा ईरानी नेतृत्व ने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और सत्ता में बने रहने के लिए अंधाधुंध हिंसा का इस्तेमाल किया जा रहा है.

ट्रंप ने कहा, “एक सच्चा नेतृत्व अपने देश को बेहतर तरीके से चलाने पर ध्यान देता है, न कि कंट्रोल बनाए रखने के लिए हजारों लोगों को मारने पर.”

उन्होंने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि जैसे वह अमेरिका को संभालते हैं, वैसे ही किसी भी नेता को अपने देश की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

खामेनेई को बताया “बीमार आदमी”

ट्रंप ने अपनी आलोचना को और तीखा करते हुए अयातुल्ला खामेनेई को “बीमार आदमी” करार दिया. उन्होंने कहा कि मौजूदा नेतृत्व की वजह से ईरान आज दुनिया में रहने के लिए सबसे खराब जगहों में से एक बन गया है.

ट्रंप के मुताबिक, “नेतृत्व डर और मौत से नहीं, सम्मान से चलता है.”

उनकी ये टिप्पणियां खामेनेई के उस बयान के बाद आई हैं, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर ने विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कसम खाई थी.

खामेनेई का पलटवार

इससे पहले, खामेनेई ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल लोगों को “विद्रोही” बताते हुए कहा था कि उनकी कमर तोड़ दी जाएगी. उन्होंने इन प्रदर्शनों में हुई मौतों के लिए अमेरिका और खासतौर पर डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया था.

शुक्रवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा था, “हमारा देश को युद्ध की ओर ले जाने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन घरेलू अपराधियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा.”

विरोध प्रदर्शनों में हजारों मौतों का दावा

ईरान में बीते कई हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारी हिंसा हुई है. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. कुछ स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 6,000 से 12,000 तक बताया गया है.

ईरानी अधिकारियों ने इन प्रदर्शनों को आतंकवादी साजिश और दंगे करार दिया है. सरकार का दावा है कि यह सब अमेरिका द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान को अस्थिर करना है.

ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में दो और हिंदुओं की हत्या, रिपन साहा को SUV से कुचला, कारोबारी को पीट-पीटकर मार डाला