Iran America Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है. ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में चाबहार बंदरगाह का समुद्री यातायात नियंत्रण टावर नष्ट हो गया है. ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिक ढांचे पर हमला बताया है.
ईरानी मीडिया के अनुसार, चाबहार पोर्ट के मकरान इलाके में मौजूद इस टावर को अमेरिकी मिसाइल हमले में नुकसान पहुंचा. ईरान का कहना है कि इस टावर का इस्तेमाल समुद्री यातायात की निगरानी और मछुआरों की सुरक्षा के लिए किया जाता था.
ईरान ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान ने कहा कि अमेरिकी सेना ने तीन मिसाइलों से इस ढांचे को निशाना बनाया. उसका आरोप है कि यह पूरी तरह नागरिक इस्तेमाल की जगह थी. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हैं और आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं.
The Islamic Republic announced that the United States carried out a second strike on a maritime watchtower in the strategic port city of Chabahar within the past seven days, causing significant damage. pic.twitter.com/ZJCN5aAiSM
— Open Source Intel (@Osint613) July 15, 2026
कतर में अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा
ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने कतर में मौजूद अमेरिका के अल उदीद एयरबेस पर हमला किया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के मुताबिक, इस कार्रवाई में लंबी दूरी की रडार प्रणाली और अमेरिकी सेना के कुछ ईंधन भरने वाले विमानों को नुकसान पहुंचा है.
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. आईआरजीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका हमले जारी रखता है तो आगे और भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी.
दक्षिणी ईरान में कई पुल बने निशाना
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई पुलों पर भी हवाई हमले किए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें कई पुल बंदर अब्बास जाने वाले रास्तों पर स्थित थे. इससे पहले इसी इलाके के एक रेलवे जंक्शन को भी निशाना बनाया गया था. सरकारी मीडिया का दावा है कि इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं.
जॉर्डन ने मिसाइलें रोकने का दावा किया
इस बीच जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अपने क्षेत्र की ओर आ रही तीन मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. जॉर्डन के अनुसार, इस घटना में किसी तरह का नुकसान या जनहानि नहीं हुई. वहीं, ईरान ने इन मिसाइलों की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.
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