Vladimir Putin Trump Meet: दुनिया के दो ताकतवर नेताओं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात ने वैश्विक राजनीति से ज्यादा, इंटरनेट पर साजिशों और अफवाहों को हवा दी है. अलास्का में हुई इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग की तस्वीरें और वीडियो भले ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बनीं, लेकिन सोशल मीडिया पर जो सवाल उठे, उन्होंने सबका ध्यान खींचा.
मुलाकात के तुरंत बाद ही ट्विटर (अब X) और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर #PutinDouble और #FakePutin जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. वजह? कई यूज़र्स का दावा था कि ट्रंप जिस शख्स से मिले, वो पुतिन नहीं बल्कि उनका डुप्लीकेट था.
पहले से हाथ आगे करके खड़ा था ट्रम्प ये है पुतिन पॉवर 😎
— Gurpreet Garry Walia (@garrywalia_) August 15, 2025
pic.twitter.com/4VqS7BXghP
मुस्कान बनी शक की वजह
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक वीडियो क्लिप से हुई जिसमें पुतिन कुछ ज्यादा ही मुस्कुराते और हल्के-फुल्के मूड में नज़र आए. आमतौर पर गंभीर और संयमित छवि वाले रूसी राष्ट्रपति का यह रूप कई यूज़र्स को असामान्य लगा. कुछ ने चेहरे की बनावट, गालों की हड्डी और जबड़े की बनावट में फर्क होने का दावा किया. एक यूज़र ने लिखा, “पुतिन इतने खुश कब से होने लगे?” तो दूसरे ने कहा, “जिसे ट्रंप से मिलते देखा गया, उसके कान और जबड़े असली पुतिन से मेल नहीं खाते.”
क्या यह पहली बार है?
पुतिन के हमशक्ल की चर्चा कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी कई अवसरों पर उनके डुप्लीकेट्स को लेकर अफवाहें उठ चुकी हैं. खासकर उन मौकों पर जब वे अचानक किसी अलग जगह पर नजर आए हों या जब उनके चेहरे में मामूली फर्क दिखाई दिया हो. 2010 से लेकर 2023 तक, कई ऑनलाइन थ्योरीज़ और रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पुतिन की सार्वजनिक उपस्थिति के पीछे कभी-कभी डुप्लीकेट्स को भेजा जाता है. कुछ विशेषज्ञों ने चेहरे की बनावट, कान की आकृति और चलने के तरीके को आधार बनाकर सवाल उठाए हैं.
रूसी प्रशासन की प्रतिक्रिया
रूसी प्रशासन और पुतिन के नजदीकी सहयोगियों ने हमेशा इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है. उनके मुताबिक, पुतिन अपनी हर सार्वजनिक उपस्थिति में खुद ही मौजूद रहते हैं और हमशक्ल की कहानियां महज "प्रोपेगेंडा" या अफवाहें हैं. 2019 में खुद व्लादिमीर पुतिन ने एक साक्षात्कार में यह स्वीकार किया था कि सुरक्षा एजेंसियों ने कभी उन्हें डुप्लीकेट रखने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया.
यह भी पढ़ें- कट्टरपंथी यूनुस का खेल खत्म! बांग्लादेशी आर्मी चीफ के इस बयान से मिले संकेत, क्या होगा सत्ता परिवर्तन?