अब मार्केट का क्या होगा? अमेरिका ने 48 घंटे में ईरान के 170 ठिकानों पर किए हमले, क्या फिर गिरेगा शेयर बाजार?

US Iran Attack: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. अब हालात धीरे-धीरे बड़ी जंग की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों पर हुए हमले के बाद उसने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की.

US has struck 170 Iranian targets in 48 hours will the stock market fall again
प्रतिकात्मक तस्वीर/ magnific

US Iran Attack: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. अब हालात धीरे-धीरे बड़ी जंग की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों पर हुए हमले के बाद उसने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की. इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.

अब दोनों देशों के बीच जारी हमले का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर दिखाई देने लगा है. निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है.

अमेरिका ने ईरान के 170 ठिकानों पर हमले का किया दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने पिछले 48 घंटों में ईरान के करीब 170 ठिकानों पर हमले किए हैं. अमेरिका के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है. आशंका जताई जा रही है कि ईरान इन हमलों का जवाब दे सकता है. ईरान पहले भी मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना चुका है.

कतर, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश भी बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं. इसकी वजह यह है कि पिछले संघर्ष के दौरान ईरान ने इन देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया था.

इसके अलावा, अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिश करता है तो इसका सीधा असर दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है. तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ सकती है और शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिल सकती है.

एशियाई बाजारों में मिला-जुला असर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. भारतीय शेयर बाजार में थोड़ी रिकवरी दिखाई दी. सेंसेक्स करीब 238 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में लगभग 80 अंकों की तेजी रही. 

हालांकि निफ्टी अभी भी 24,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ है, जिसे बाजार के लिए एक अहम स्तर माना जा रहा है.जापान के शेयर बाजार में भी तेजी रही और वह करीब 1.38 फीसदी ऊपर बंद हुआ. वहीं चीन और हांगकांग के बाजारों में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

एक दिन पहले बाजार में आई थी बड़ी गिरावट

इससे पहले बुधवार को भारत समेत दुनियाभर के एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली थी. भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था.

हालांकि गुरुवार को बाजार में खरीदारी लौटने से निवेशकों की करीब 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वापस बढ़ी. लेकिन आखिरी घंटे में बाजार की तेजी कमजोर पड़ गई, जिससे शुक्रवार को मुनाफावसूली का खतरा बना हुआ है. गिफ्ट निफ्टी भी बाजार में दबाव के संकेत दे रहा है.

अमेरिकी बाजार पर भी दिखा तनाव का असर

ईरान-अमेरिका तनाव का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी पड़ा है. बुधवार रात डाउ जोंस में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. अब निवेशकों की नजर अमेरिका की तरफ से आने वाले नए अपडेट पर है. 

अगर तनाव और बढ़ता है तो अमेरिकी बाजार में फिर से बड़ी गिरावट आ सकती है. बाजार को डर है कि युद्ध बढ़ने पर तेल की कीमतें ऊपर जा सकती हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ सकता है.

जंग के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है. गुरुवार को इसमें करीब 1 फीसदी की तेजी रही और यह 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल भी बढ़कर 73.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

डिस्क्लेमर: किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना जरूरी है. निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें.

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