Qeshm Island Explosion: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान के दक्षिणी इलाके में स्थित केश्म द्वीप पर मंगलवार को कम से कम पांच जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. इसके अलावा पास के बंदर लेंगेह शहर में भी विस्फोट होने की खबर है. इस घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है? हालांकि, शुरुआत में धमाकों की वजह साफ नहीं हो पाई थी. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने भी इस घटना की पुष्टि की है.
यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुई है. यह इलाका दुनिया के तेल कारोबार के लिहाज से बेहद अहम है. IRNA के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने द्वीप के ऊपर दो विमानों को उड़ते हुए देखा. हालांकि, अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ये विमान अमेरिका के थे या इजरायल के. सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें सायरन और धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
क्या अमेरिका ने तोड़ा सीजफायर?
धमाकों के बाद शुरुआती चर्चा थी कि ईरान के किसी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया हो सकता है. हालांकि, शुरुआत में इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी. न ही अमेरिका या इजरायल की भूमिका की पुष्टि हुई थी.
इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने केश्म द्वीप के दक्षिणी हिस्से में दो अमेरिकी MQM-170 जासूसी ड्रोन को मार गिराया है. संगठन के मुताबिक, इन ड्रोन को एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की मदद से गिराया गया. IRGC ने यह भी दावा किया कि अब तक चार अमेरिकी ड्रोन उसके कब्जे में आ चुके हैं. इससे पहले उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में एक MQ-9 ड्रोन को भी मार गिराने की बात कही थी.
ट्रंप ने दिए थे ईरान से समझौते के संकेत
केश्म द्वीप पर धमाकों की खबर ऐसे समय आई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई थी. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि तेल की कीमतों में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है. उनके मुताबिक, बाजार को उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध नहीं होगा और तेहरान जल्द समझौता करना चाहता है.
ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की उम्मीदें बढ़ी थीं. लेकिन केश्म द्वीप पर हुए धमाकों ने क्षेत्र में तनाव को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले इस घटनाक्रम ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है.
अमेरिका का सीक्रेट ऑपरेशन, रिपोर्ट में क्या दावा?
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि केश्म द्वीप पर हुए हमले ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सीमित सैन्य अभियानों का हिस्सा हो सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के खिलाफ गुप्त रूप से ऐसी कार्रवाई कर रहा है.
वहीं, एसोसिएटेड प्रेस (AP) से एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन हमलों में उन ईरानी सैन्य बलों को निशाना बनाया गया, जो जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के जरिए अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बना रहे थे. रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल यह सैन्य कार्रवाई सीमित स्तर की बताई जा रही है.
परमाणु ठिकाने पर हमले की बात कह चुके हैं ट्रंप
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक भूमिगत परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की संभावना भी जताई है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका को पिकएक्स परमाणु केंद्र पर हमला करना पड़ सकता है.
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका जब चाहे और जिस समय चाहे, एक घंटे के भीतर इस ठिकाने को निशाना बना सकता है. उनके इस बयान के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं.
ये भी पढ़ें- नेपाल में लैंडिंग के दौरान आपस में टकराए दो हेलीकॉप्टर, एक भारतीय की मौत, देखें Video