देव दूत बने भारतीय सुरक्षाबल, समुद्री लुटेरों के कब्जे से 20 ईरानी नागरिकों को छुड़ाया, देखें Video

अरब सागर में सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ और उस पर सवार सभी 20 लोगों को भारतीय सुरक्षाबलों ने सुरक्षित बचा लिया.

Indian security forces rescued 20 Iranian from the clutches of pirates Video
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अरब सागर में सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ और उस पर सवार सभी 20 लोगों को भारतीय सुरक्षाबलों ने सुरक्षित बचा लिया. इस सफल अभियान के बाद ईरान ने भारत का आभार जताया है. नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और वायु सेना की तारीफ करते हुए उनके साहस, काम करने के तरीके और आपसी तालमेल की सराहना की है.

ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वह जहाज ‘अज़िनी’ के 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को समुद्री लुटेरों से बचाने के लिए भारत का धन्यवाद करता है. दूतावास ने इस अभियान को दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग की मिसाल बताया.

ईरान ने भारतीय सुरक्षाबलों की तारीफ की

दूतावास ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस अभियान में जिस तरह का साहस, पेशेवर रवैया और तालमेल दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है. यह अभियान दिखाता है कि भारत मानवीय मदद और लोगों की जान बचाने के लिए कितना प्रतिबद्ध है. भारत ने अपनी सीमाओं से बाहर भी जरूरतमंद लोगों की मदद में अहम भूमिका निभाई है.

ईरानी दूतावास ने आगे कहा कि यह बचाव अभियान भारत और ईरान के बीच दोस्ती, एकजुटता और सहयोग का उदाहरण है. उसने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने चालक दल को सुरक्षित निकालने में योगदान दिया.

29 अक्टूबर को हुआ था जहाज का अपहरण

सोमाली समुद्री लुटेरों ने 29 अक्टूबर को मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ का अपहरण कर लिया था. इसके बाद भारतीय नौसेना ने अरब सागर में मुंबई से 3,000 किलोमीटर से ज्यादा दूर बचाव अभियान शुरू किया. करीब 48 घंटे तक चले इस ऑपरेशन की कमान भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता ने संभाली.

नौसेना और वायु सेना ने मिलकर चलाया अभियान

इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना के C-17 विमान की मदद से नौसेना के मरीन कमांडो (MARCOS) को समुद्र में उतारा गया. कमांडो ने सटीक हवाई ड्रॉप के जरिए मौके पर पहुंचकर अभियान को अंजाम दिया.

बताया गया कि समुद्री लुटेरे ‘अज़िनी’ का इस्तेमाल दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमला करने के लिए एक बेस के तौर पर करना चाहते थे. भारतीय सुरक्षाबलों ने उनकी इस योजना को नाकाम कर दिया और जहाज समेत सभी 20 लोगों को सुरक्षित बचा लिया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस सफल अभियान के लिए भारतीय नौसेना और वायु सेना को बधाई दी. उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखना भारत की प्राथमिकता है.

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि 2 नवंबर 2026 को भारतीय नौसेना ने मुंबई से 3,000 किलोमीटर से ज्यादा दूर अरब सागर में करीब 48 घंटे तक अभियान चलाकर जहाज और उसके सभी 20 सदस्यों को बचाया.

उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना की समय पर मिली मदद से सुरक्षाबलों ने हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों को रोककर चालक दल को सुरक्षित निकाला. यह भारतीय नौसेना की तैयारी और समुद्री क्षेत्र में किसी भी खतरे से निपटने की क्षमता को दिखाता है.

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय जवानों ने एक बार फिर साबित किया है कि देश में लोगों की जान बचाने और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने की क्षमता और इच्छाशक्ति है. उन्होंने दोहराया कि भारत पूरे हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, स्वतंत्र और खुला बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

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