अब नई कॉम्बैट वर्दी में दिखेंगे CISF के जवान, 20 साल बाद यूनिफॉर्म में बदलाव, क्या-क्या होगा खास?

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान जल्द ही नई कॉम्बैट वर्दी में नजर आएंगे. एयरपोर्ट, मेट्रो, संसद और दूसरी जगहों पर तैनात दो लाख से ज्यादा जवानों और अधिकारियों की वर्दी बदली जा रही है.

CISF personnel new combat uniforms changed after 20 years key features
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

नई दिल्ली: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान जल्द ही नई कॉम्बैट वर्दी में नजर आएंगे. एयरपोर्ट, मेट्रो, संसद और दूसरी जगहों पर तैनात दो लाख से ज्यादा जवानों और अधिकारियों की वर्दी बदली जा रही है. यह बदलाव इस दिवाली से शुरू होगा और अगले साल 26 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है. करीब दो दशक बाद CISF की कॉम्बैट वर्दी में इतना बड़ा बदलाव किया जा रहा है. यह फैसला CISF के डीजी प्रवीर रंजन के विजन के तहत लिया गया है.

भारतीय सेना की तर्ज पर बदली जा रही वर्दी

भारतीय सेना की तरह अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कॉम्बैट वर्दी को भी आधुनिक बनाया जा रहा है. इसी कड़ी में CISF ने करीब 20 साल बाद अपनी पुरानी वर्दी बदलने का फैसला किया है. कुछ जवान और अधिकारी नई ड्रेस पहनना शुरू भी कर चुके हैं, जबकि बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल दिवाली के बाद शुरू होगा.

इससे पहले CRPF और BSF में भी पुरानी कॉम्बैट वर्दी की जगह नई ड्रेस लागू की जा चुकी है. गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद CISF की नई डिजिटल कॉम्बैट वर्दी तैयार करने के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं.

डिजिटल कैमलाज पैटर्न पर तैयार हुई नई वर्दी

अधिकारियों के मुताबिक, नई वर्दी को आधुनिक डिजिटल कैमलाज पैटर्न पर तैयार किया गया है. इसमें छोटे-छोटे पिक्सेल जैसे डिजाइन बनाए गए हैं, जिससे दूर से देखने पर जवानों को पहचानना मुश्किल होगा. सुरक्षा के लिहाज से इसे पुरानी वर्दी से बेहतर माना जा रहा है.

नई वर्दी में ऑलिव ग्रीन, खाकी ग्रीन, ब्राउन और हल्के काले रंग समेत चार से पांच रंगों का इस्तेमाल किया गया है. इसमें ज्यादातर सूती कपड़ा लगाया गया है, जिससे पसीना जल्दी सूखेगा और जवानों को ड्यूटी के दौरान आराम मिलेगा.

नई कॉम्बैट ड्रेस पहनकर CISF के जवान एयरपोर्ट, मेट्रो और संसद के अलावा जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे इलाकों में तैनाती के दौरान भी नजर आएंगे.

CISF की नई कॉम्बैट वर्दी में क्या होगा खास?

नई वर्दी में दो चेस्ट पॉकेट होंगी, जिनमें बटन लगे होंगे. कंधों पर रैंक लगाने के लिए शोल्डर फ्लैप दिए जाएंगे. इसके अलावा कार्गो पैंट में दोनों तरफ जेब होंगी. वर्दी की बाजू को मोड़कर बटन की मदद से टाइट भी किया जा सकेगा.

नई ड्रेस के साथ उसी पैटर्न और रंग की बेसबॉल कैप भी मिलेगी, जिस पर सामने CISF का लोगो लगा होगा. इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि जवानों को फील्ड ड्यूटी के दौरान सुविधा मिले और उनकी पहचान दूर से आसानी से न हो सके.

क्या होती है कॉम्बैट वर्दी?

कॉम्बैट वर्दी ऐसी ड्रेस होती है, जिसे जवान युद्ध, सुरक्षा अभियान और फील्ड ड्यूटी के दौरान पहनते हैं. इसका मुख्य मकसद जवानों को आसपास के माहौल में छिपने और सुरक्षा देने में मदद करना होता है. इसके रंग और डिजाइन जंगल, पहाड़ और रेगिस्तान जैसे इलाकों के हिसाब से तैयार किए जाते हैं.

यह सामान्य वर्दी से अलग होती है. इसमें मजबूत कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि ड्यूटी के दौरान यह आसानी से न फटे और मौसम की मार से भी बचाव हो सके. इसमें कई जेबें होती हैं, जिनमें जवान जरूरी सामान, रेडियो और अन्य उपकरण रख सकते हैं. बूट, हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट और बेल्ट भी फील्ड ड्यूटी के दौरान इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान में शामिल होते हैं.