Iran US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच हालत सुधरते नहीं दिख रहे हैं. पिछले दिनों दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच ओमान में एक बैठक भी हुई. इस बैठक का मकसद मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना माना जा रहा था. लेकिन अब यूरेनियम संवर्धन पर ईारन के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए ईरान यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को नहीं रोकेगा, चाहे इसके लिए युद्ध ही क्यों ना लड़ना पड़े.
अब्बास के इस बयान ने मध्य पूर्व में हलचल तेज कर दी है. गौरतलब है कि परणामु बम बनाने के लिए ईरान लगातार प्रयास कर रहा है. इसके लिए ईरान लगातार यूरेनियम संवर्धन में लगा हुआ है. हालांकि, अमेरिका और इजरायल ने बीते साल कथित रूप से ईरान के द्वारा किए गए यूरेनियम संवर्धन को धवस्त करने दावा किया था. अमेरिका ने B2 Bomber का इस्तेमाल पहली बार किया था.
अब्बास अराघची ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि यूरेनियम इनरिचमेंट उसका वैध अधिकार है और यह प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए. साथ ही उसने यह भी साफ किया कि इस मुद्दे पर किसी समझौते तक पहुंचने के लिए वह बातचीत को तैयार है. मस्कट में हुई वार्ता को ईरान ने एक अच्छी शुरुआत बताया है. बातचीत के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से हाथ मिलाने की बात भी सामने आई है. हालांकि ईरान ने माना कि आपसी भरोसा बनाने में अभी समय लगेगा और इसके लिए आगे लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसलिए दोनों पक्षों के बीच जल्द ही दोबारा बातचीत शुरू होने की जरूरत है.
ट्रंप ने बैठक को बताया सकारात्मक
हाालंकि, ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को शानदार बताया है. उन्होंने ओमान में हुए बैठक का अगला चरण संभावित रूप से अगले हफ्ते होने की बात कही है. लेकिन दूसरी तरफ शनिवार को अमेरिका ने ईरान के कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का ऑर्डर दिया था. इसके अलावा ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को भी टैरिफ लगाने की धमकी दी है.
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