भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को सीधा और कठोर संदेश देते हुए कहा है कि भारत अब "संयम" की नीति पर नहीं चलेगा, और अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं किया, तो उसे दुनिया के नक्शे से मिटने के लिए तैयार रहना चाहिए.
जनरल द्विवेदी ने ये बात 3 अक्टूबर को अनूपगढ़ के पास, अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में तैनात भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए कही. वे यहां घाटसाना क्षेत्र के दौरे पर थे, जो पाकिस्तान के बहावलपुर के सामने स्थित है. यहीं से हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई को अंजाम दिया गया था.
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को करारा जवाब
जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि इस गुप्त सैन्य अभियान में पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूद किया गया. इन ठिकानों में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप, हथियार डिपो और कई मास्टरमाइंड छिपे हुए थे. उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्रवाई में 100 से ज़्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इसके अलावा, बड़ी संख्या में आतंकी भी ढेर हुए. उन्होंने स्पष्ट किया, हमने हर हमले में लक्ष्य की सटीक पहचान की और नागरिकों को नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा. भारत केवल आतंक के नेटवर्क को खत्म कर रहा है निर्दोषों को नहीं.”
अब इंतजार नहीं करेंगे, सेना प्रमुख ने दिया बड़ा संकेत
अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने सैनिकों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि तैयारी में कोई ढिलाई न रखें... अगर ईश्वर ने चाहा तो जल्द ही बड़ा मौका मिलेगा. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय सेना की तेज़ी से हो रही तकनीकी उन्नति पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि भारतीय सेना अब अत्याधुनिक UAVs (मानवरहित विमान), एंटी-ड्रोन सिस्टम और नई पीढ़ी के स्मार्ट हथियारों से लैस हो रही है.
वीर सैनिकों का सम्मान, सीमावर्ती गांवों से संवाद
इस विशेष अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर में वीरता दिखाने वाले कमांडेंट प्रभाकर सिंह, मेजर रितेश कुमार और हवलदार मोहित गैरा को सेना प्रमुख ने विशेष रूप से सम्मानित किया. बीकानेर सैन्य स्टेशन और सीमावर्ती चौकियों के निरीक्षण के साथ, जनरल द्विवेदी ने सीमा गांवों के नागरिकों से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा कि आप केवल आम नागरिक नहीं हैं, सीमा के पहले रक्षक हैं. आप हमारे साथ देश की सुरक्षा में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं.
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