UP: सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया ध्वजारोहण, कहा- स्वतंत्रता सिर्फ उत्सव नहीं, यह उत्तरदायित्व का संकल्प...

Independence Day Yogi Adityanath: एक बार फिर राष्ट्र ने आज़ादी की गूंज को महसूस किया, शहीदों के बलिदान को नमन किया, और नए भारत की दिशा में चलने का संकल्प दोहराया. लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करते हुए प्रदेशवासियों को एक बार फिर याद दिलाया कि यह दिन सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और राष्ट्रीय कर्तव्यों को निभाने का दिन है.

UP Independence Day CM Yogi Adityanath hoisted the flag in lucknow
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Independence Day Yogi Adityanath: एक बार फिर राष्ट्र ने आज़ादी की गूंज को महसूस किया, शहीदों के बलिदान को नमन किया, और नए भारत की दिशा में चलने का संकल्प दोहराया. लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करते हुए प्रदेशवासियों को एक बार फिर याद दिलाया कि यह दिन सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और राष्ट्रीय कर्तव्यों को निभाने का दिन है.

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज का दिन उन वीरों को समर्पित है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया.

स्वतंत्रता का अर्थ, जिम्मेदारी के साथ आज़ादी

सीएम योगी ने कहा कि आज जब हम 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तो यह केवल एक स्मृति नहीं बल्कि एक जीवंत प्रेरणा है. योगी आदित्यनाथ ने कहा, “स्वतंत्रता कोई स्वच्छंदता नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे राष्ट्रीय कर्तव्यों का बोध कराती है.” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होगा, तभी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कल्पित “विकसित भारत” का सपना साकार होगा.

स्वदेशी शक्ति का परिचय

सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न "ऑपरेशन सिंदूर" की चर्चा करते हुए भारतीय सेना की वीरता की सराहना की. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मिशन में प्रयोग किए गए अधिकतर हथियार और तकनीकें देश में ही विकसित की गई थीं. यह एक प्रतीक है उस आत्मनिर्भर भारत का, जिसकी नींव पर आज की सरकार राष्ट्र को आगे ले जा रही है. योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कोई भी देश तब तक मजबूत नहीं बन सकता, जब तक उसके कारीगर, वैज्ञानिक और उद्यमी देश के विकास में भागीदार न बनें."

सुरक्षा और स्वदेशी, दोनों जरूरी

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया. एक ओर जहां पुलिस और सुरक्षा बल देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना भी स्वतंत्रता की रक्षा का ही एक रूप है. उन्होंने "वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट" योजना का ज़िक्र करते हुए बताया कि किस तरह यूपी सरकार स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिला रही है.

संविधान का अमृतकाल और सामाजिक न्याय

मुख्यमंत्री योगी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी याद करते हुए कहा कि जैसे भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है, वैसे ही हमारा संविधान भी अब अपने अमृतकाल की ओर बढ़ रहा है. संविधान ने भारत को सिर्फ कानूनी ढांचा नहीं दिया, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों को भी हर नागरिक के जीवन का हिस्सा बनाया.

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