दिवाली पर यूपी वालों ने खर्च कर दी 149000000 यूनिट बिजली, 24 घंटे में तोड़ दिए पावर कंजम्प्शन के सारे रिकॉर्ड

UP News: दिवाली का त्योहार अपनी रौशनी और उमंग के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश ने बिजली की खपत के मामले में एक नया इतिहास रच दिया है. दिवाली की रात बिजली की मांग इतनी अधिक रही कि पूरे देश में यूपी ने शीर्ष स्थान हासिल किया.

UP consumes 1,490 lakh units of electricity on Diwali breaking 24-hour record
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UP News: दिवाली का त्योहार अपनी रौशनी और उमंग के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश ने बिजली की खपत के मामले में एक नया इतिहास रच दिया है. दिवाली की रात बिजली की मांग इतनी अधिक रही कि पूरे देश में यूपी ने शीर्ष स्थान हासिल किया. 24 घंटे के अंदर यहां 1490 लाख यूनिट बिजली का उपयोग हुआ, जो अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा था.

यूपी ने हरियाणा को पीछे छोड़ा

उत्तर प्रदेश ने हरियाणा को कड़ी टक्कर देते हुए बिजली खपत के मामले में पहला स्थान प्राप्त किया. हरियाणा में 1390 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि पंजाब और दिल्ली ने क्रमशः 880 लाख और 830 लाख यूनिट की खपत दर्ज की. राजस्थान में यह आंकड़ा 560 लाख यूनिट रहा. इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे यूपी में बिजली आपूर्ति के बेहतर इंतजाम और तैयारी का बड़ा योगदान रहा.

प्रमुख शहरों में बिजली की मांग में उछाल

लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में दिवाली की सजावट और त्योहारी उमंग के चलते बिजली की मांग चरम पर पहुंच गई. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में हुए सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन ने इस मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया.

दिवाली की मांग और बिजली उत्पादन की तैयारियां

पिछले वर्ष दिवाली पर बिजली की अधिकतम मांग लगभग 23,000 मेगावाट थी, जबकि इस बार दिवाली की संध्या तक यह मांग लगभग 21,000 मेगावाट दर्ज की गई. दिन के समय 17,000 से 18,000 मेगावाट बिजली की मांग बनी रही. बिजली विभाग ने अनुमान से बढ़ी हुई मांग को देखते हुए सभी बिजली परियोजनाओं को पूरी क्षमता पर संचालित किया.

सोनभद्र की परियोजनाओं ने निभाई अहम भूमिका

सोनभद्र जिले की बिजली परियोजनाओं को दिवाली के दौरान पूरी क्षमता पर लगाया गया ताकि बिजली की आपूर्ति निरंतर बनी रहे और किसी भी तरह की कटौती न हो. विभिन्न परियोजनाओं का उत्पादन इस प्रकार रहा:

  • अनपरा ए (1630 मेगावाट): 1364 मेगावाट
  • अनपरा बी (1000 मेगावाट): 900 मेगावाट
  • अनपरा डी (1000 मेगावाट): 931 मेगावाट
  • ओबरा सी (1320 मेगावाट): 1200 मेगावाट
  • ओबरा बी (1000 मेगावाट): 522 मेगावाट
  • लैंको (निजी 1200 मेगावाट): 722 मेगावाट
  • रिहंद एनटीपीसी (3000 मेगावाट): 2978 मेगावाट
  • सिंगरौली सुपर थर्मल पावर (2000 मेगावाट): 1978 मेगावाट

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