VIP घरों पर ग्रेनेड अटैक की साजिश नाकाम, नोएडा में ISI से जुडे़ 2 आतंकी गिरफ्तार, क्या था इनका प्लान?

उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है. उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर आईएसआई के इशारे पर भारत में बड़ी साजिश रच रहे थे.

UP ATS arrested 2 terrorists associated with ISI in Noida What was plan
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उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है. उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर आईएसआई के इशारे पर भारत में बड़ी साजिश रच रहे थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी प्रभावशाली लोगों के घरों को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला करने की योजना बना रहे थे.

एटीएस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान के रूप में हुई है. दोनों की उम्र करीब 20 साल के आसपास बताई जा रही है.

सुरक्षा एजेंसियों ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद किए हैं. इसके अलावा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.

पाकिस्तान कनेक्शन और हैंडलर्स से संपर्क

जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी आईएसआई के संपर्क में थे और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े हुए थे. इसके अलावा ये आबिद जट सहित कई अन्य हैंडलर्स से भी संपर्क में थे.

एटीएस के अनुसार, आरोपियों को भारत में संवेदनशील स्थानों की रेकी करने का जिम्मा दिया गया था. साथ ही उन्हें खासतौर पर वीआईपी लोगों के घरों को निशाना बनाने और वहां ग्रेनेड फेंकने की साजिश तैयार करने के निर्देश दिए गए थे.

स्लीपर सेल बनाने की कोशिश

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी स्लीपर सेल तैयार करने में जुटे थे. उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए पैसों का लालच दिया गया था. जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में 50 हजार रुपये एडवांस और काम पूरा होने पर ढाई लाख रुपये देने का वादा किया गया था.

ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में आए थे. पहले इस्तेमाल की गई आईडी बंद होने के बाद इन्होंने नया अकाउंट बनाकर संपर्क जारी रखा.

संपर्क के लिए डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल

दोनों आरोपी आपस में और अपने हैंडलर्स से जुड़ने के लिए वॉइस और वीडियो कॉल का इस्तेमाल करते थे. उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी लालच दिया गया था.

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कट्टरपंथी यूट्यूब चैनलों के जरिए भी इन्हें प्रभावित किया गया. मेरठ में रहकर ये दोनों बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे और लोगों को जोड़ने के लिए खास कोड शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे.

एटीएस के मुताबिक आरोपी आईएसआई से जुड़े एजेंट्स- मेजर हमीद, इकबाल और अनवर के संपर्क में थे. इनसे उन्हें निर्देश और मदद मिल रही थी.

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