हथियार खरीद योजना में 800 मिलियन डॉलर की कमी, अमेरिका को अब कौन सी पट्टी पढ़ाने वाले हैं जेलेंस्की?

रूस के साथ लंबे समय से चले आ रहे युद्ध ने यूक्रेन को आर्थिक और सामरिक दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा किया है. इसी बीच ब्रुसेल्स रवाना होते समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक अहम बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है.

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रूस के साथ लंबे समय से चले आ रहे युद्ध ने यूक्रेन को आर्थिक और सामरिक दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा किया है. इसी बीच ब्रुसेल्स रवाना होते समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक अहम बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका से हथियार खरीदने की यूक्रेन की योजना में इस वर्ष लगभग 800 मिलियन डॉलर की भारी कमी रह गई है, जिससे रक्षा जरूरतों की पूर्ति पर असर पड़ रहा है.


ज़ेलेंस्की ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि लंदन में ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के नेताओं के साथ उनकी मुलाकात बेहद उपयोगी रही. उन्होंने कहा कि इन देशों ने यूक्रेन का समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया है, जबकि युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार किए जा रहे शांति प्रस्ताव भी अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं. ज़ेलेंस्की ने बताया कि संशोधित शांति योजना को मंगलवार (9 दिसंबर) को अमेरिका के साथ साझा किया जाएगा. इस योजना का मकसद रूस के साथ जारी संघर्ष के लिए एक स्थायी और स्वीकार्य समाधान खोजने का है.

अमेरिका में बदली हवा, शांति प्रयासों को बड़ा झटका

यूक्रेन की नई शांति योजना ऐसे समय में तैयार हुई है जब अमेरिकी प्रयास पहले ही कठिनाइयों से जूझ रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनेर हाल ही में मॉस्को गए थे, जहां उन्होंने संशोधित योजना पर चर्चा की. इसके बाद दोनों मियामी में यूक्रेनी अधिकारियों से कई दिनों तक बातचीत करते रहे, लेकिन चर्चाएँ अंततः बिना किसी ठोस परिणाम के खत्म हो गईं. ज़ेलेंस्की ने इन बैठकों को “रचनात्मक, लेकिन बिल्कुल आसान नहीं” बताया.

ट्रंप की नाराज़गी ने बढ़ाई कूटनीतिक मुश्किलें

संबंधों में तनाव की पुष्टि तब हुई जब ट्रंप ने रविवार (7 दिसंबर) को ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका द्वारा भेजे गए नवीनतम प्रस्तावों को पढ़ने की भी ज़हमत नहीं उठाई. ट्रंप ने खुले तौर पर कहा कि इस रवैये से वे “निराश” हैं. यह बयान यूक्रेन-अमेरिका संबंधों में बढ़ते तनाव को और गहरा कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब यूक्रेन को मदद, हथियार और कूटनीतिक समर्थन की पहले से ज्यादा जरूरत है.

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