नई दिल्ली: यूक्रेन में युद्ध की स्थिति अब तेजी से बदलती नजर आ रही है. रूसी सेना के लगातार और जबरदस्त हमलों के चलते यूक्रेनी फोर्स अब सरेंडर के कगार पर पहुंच चुकी है. इस गंभीर हालात को देखकर अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का रुख भी नरम पड़ता दिख रहा है. वे न सिर्फ रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बिना शर्त बातचीत करने को तैयार हैं, बल्कि युद्ध विराम का भी संकेत दे रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस बदलाव के पीछे की वजहें क्या हैं और आगे क्या हो सकता है.
पुतिन का सशक्त नेतृत्व और रूसी सेना की तबाही
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने युद्ध के मैदान पर खुद कदम रखे हैं. उन्होंने मिलिट्री ड्रेस में जपाड सैन्य अभ्यास के दौरान अपने सैनिकों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया. वॉर रूम से लगातार नियंत्रण और दिशा-निर्देश देते हुए पुतिन रूसी सेना को तेज और प्रभावी हमले का निर्देश दे रहे हैं. इस हमले की तीव्रता के कारण यूक्रेनी फोर्स लगभग हार मानने की कगार पर पहुंच गई है. पुतिन की रणनीति ने युद्ध के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है.
रूस का बेमिसाल हमला
पिछले दो दिनों में रूस ने यूक्रेन पर 500 से ज्यादा ड्रोन, 300 से अधिक ग्लाइड बम, और लगभग 30 मिसाइलें दागीं. एक साथ कई प्रांतों में की गई इस भीषण बमबारी से पूरे देश में दहशत का माहौल है. लगातार हो रहे विस्फोटों ने यूक्रेन को हिलाकर रख दिया है. पुतिन ने इस ऑपरेशन की निगरानी खुद वॉर रूम से की, जिससे हमलों की तीव्रता और सही समय पर दाब बनाए रखा गया.
जेलेंस्की की रणनीति में बड़ा बदलाव
इन लगातार हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. वे अब युद्ध से हटने या सरेंडर की तरफ बढ़ने का संकेत दे रहे हैं, जो पहले कभी नहीं देखा गया. यह बदलाव रूस के क्रूर और तेज हमलों की वजह से हुआ है, जिसने यूक्रेनी फोर्स को कमजोर कर दिया है. जेलेंस्की का यह रुख इस युद्ध की दिशा को पूरी तरह बदल सकता है.
युद्ध विराम की संभावना और भविष्य की राह
रूसी सेना की जबरदस्त ताकत और पुतिन के नेतृत्व में हो रहे सफल ऑपरेशन्स के चलते अब युद्ध विराम की संभावना जताई जा रही है. यूक्रेनी फोर्स के हथियार डालने के करीब पहुंचने और जेलेंस्की के सरेंडर संकेत के बाद उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही पुतिन की शर्तों पर खत्म हो सकता है. यह मोड़ इस युद्ध में नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है.
ये भी पढ़ें: चीन का 'कयामत' वाला हथियार, अमेरिका के कई शहरों में मचा सकता है तबाही; दुनिया में मची खलबली, जानें ताकत