डेढ़ साल बाद फिर मिल सकते हैं पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप, इस देश में हो सकती है मुलाकात; जानें इसके मायने

PM Modi Trump G7 Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक बार फिर अहम मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है. जून में फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं.

PM Modi and Donald Trump can meet again after one and a half years can meet in this country
Image Source: ANI/ File

PM Modi Trump G7 Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक बार फिर अहम मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है. जून में फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं. अगर यह बैठक होती है तो करीब डेढ़ साल बाद दोनों नेता आमने-सामने बैठकर वैश्विक और भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

फ्रांस में 15 से 17 जून के बीच होने वाले G7 सम्मेलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारियां तेज हो चुकी हैं. फ्रांसीसी सरकार ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वहीं अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बैठक में शामिल होने वाले हैं. ऐसे में दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के नेताओं की संभावित मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.

AI, व्यापार और चीन पर हो सकती है बड़ी चर्चा

रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन इस बार G7 सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वैश्विक व्यापार, साइबर सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और चीन पर आर्थिक निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहता है. अमेरिका की कोशिश है कि अमेरिकी तकनीक आधारित AI सिस्टम को दुनिया भर में बढ़ावा मिले और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में चीन की पकड़ कमजोर की जाए.

भारत-फ्रांस के बीच भी बढ़ रही कूटनीतिक सक्रियता

प्रधानमंत्री मोदी के फ्रांस दौरे को लेकर भारत और फ्रांस के बीच भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस का दौरा किया था, जहां उन्होंने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट के साथ बैठक की. इस दौरान G7 सम्मेलन के एजेंडे, वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और भारत की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.

फ्रांस लगातार भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता रहा है और दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हुआ है.

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाद पहली बड़ी मुलाकात हो सकती है

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर गए थे. उस दौरान व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई थी. बैठक में रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, निवेश और व्यापार समझौतों पर चर्चा हुई थी.

दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई थी. अब फ्रांस में होने वाली संभावित मुलाकात को उसी कड़ी का अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

बदलती वैश्विक राजनीति के बीच अहम होगा G7 सम्मेलन

इस बार का G7 सम्मेलन कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दुनिया इस समय AI तकनीक की दौड़, आर्थिक अस्थिरता, युद्धों और चीन से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है. ऐसे में G7 देशों के नेता वैश्विक रणनीति और आर्थिक साझेदारी को लेकर बड़े फैसले ले सकते हैं.

भारत भले ही G7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारत की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक ताकत के कारण उसे लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जा रहा है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को भी काफी अहम माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें- इंसानों के लिए खतरा बना तो... पागल कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें बड़ी बातें