UAE President India Visit: संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचेंगे. उन्हें इस यात्रा के लिए भारत के प्रधानमंत्री द्वारा आमंत्रित किया गया है. इस दौरे के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में क्षेत्रीय परिदृश्य में बदलाव देखे जा रहे हैं, जिसमें सऊदी अरब और ईरान से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. यूएई के राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी तीसरी आधिकारिक यात्रा है.
पिछले 10 वर्षों में उन्होंने भारत का दौरा चार बार किया है, और इस तरह यह उनकी कुल पांचवीं यात्रा होगी. इन यात्राओं ने दोनों देशों के बीच स्थापित मित्रता और साझेदारी को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है. इससे पहले, सितंबर 2025 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन जायद अल नाहयान भारत आए थे. वहीं अप्रैल 2025 में यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने भी भारत का दौरा किया था. इन यात्राओं ने दोनों देशों के रिश्तों में गर्मजोशी और स्थायित्व को बनाए रखा.
President HH Sheikh @MohamedBinZayed of UAE will soon be arriving in India.
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) January 18, 2026
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राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग
भारत और यूएई के बीच गहरे और विविध संबंध रहे हैं. दोनों देशों का सहयोग केवल राजनैतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी है. वे एक-दूसरे के व्यापार और निवेश में महत्वपूर्ण साझेदार हैं. इसमें कंप्रिहेंसिव इकॉनोमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA), लोकल करेंसी सेटलमेंट (LCS) सिस्टम और बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी जैसे समझौते शामिल हैं.
इसके अलावा, दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी भी है, जिसमें लॉन्ग टर्म सप्लाई सिस्टम शामिल है. इन समझौतों और सहयोगों ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक तालमेल को मजबूत किया है.
नई रणनीतिक साझेदारी के अवसर
यूएई के राष्ट्रपति का यह दौरा दोनों देशों के लिए रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम खोजने का अवसर है. यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय हितों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी समझ और सहयोग को भी बढ़ाएगी. उच्च स्तरीय वार्ता और समझौतों से दोनों देशों के लिए नई परियोजनाओं और रणनीतियों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा.
आर्थिक सहयोग और निवेश
भारत और यूएई के आर्थिक संबंध भी बहुत महत्वपूर्ण हैं. हाल के वर्षों में यूएई भारत में विदेशी निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत बन गया है. 2000 से अब तक, यूएई ने भारत में 22 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है. यह निवेश विशेष रूप से भारत के डेवलपमेंट सेक्टर में केंद्रित रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है.
ऐसे निवेश और सहयोग न केवल वर्तमान में, बल्कि भविष्य में भी दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती प्रदान करेंगे. इस तरह, भारत और यूएई की दोस्ती राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बन चुकी है.
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