पाकिस्तान में एक बार फिर सियासत का माहौल गरमा गया है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान पर अडियाला जेल के बाहर प्रेस से बात करते हुए अंडा फेंका गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब अलीमा खान मीडिया से इमरान खान के मुकदमों को लेकर बातचीत कर रही थीं.
इमरान खान फिलहाल अडियाला जेल में बंद हैं और उनकी कानूनी लड़ाई कई मोर्चों पर जारी है.
वीडियो हुआ वायरल, हमलावर महिलाएं मौके पर पकड़ी गईं
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही अलीमा मीडिया से संवाद कर रही थीं, एक महिला ने उन पर अंडा फेंका, जो सीधे उन्हें जाकर लगा. घटना के तुरंत बाद, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने हमलावर महिलाओं को पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया.
Two PTI women threw an egg at Imran Khan’s sister in Lahore. Police have taken both into custody.#ImranKhan #Lahore pic.twitter.com/B7TpbUjd1l
— Dauran Baloch (@dauranbaloch1) September 5, 2025
पुलिस का बयान: हमलावर महिलाएं पीटीआई समर्थक थीं
रावलपिंडी पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हिरासत में ली गई दोनों महिलाएं खुद को पीटीआई समर्थक बताती हैं. वे अखिल सरकारी कर्मचारी महागठबंधन से जुड़ी मांगों के समर्थन में वहां विरोध जताने पहुंची थीं. पुलिस के मुताबिक, जब अलीमा खान ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया, तो गुस्से में आकर उन्होंने अंडा फेंक दिया. दोनों को मौके से हिरासत में लेकर अडियाला चौकी ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है.
पीटीआई का आरोप: साजिश के तहत भेजी गईं महिलाएं
इस घटना को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी का कहना है कि अलीमा खान पर अंडा फेंकने की घटना शर्मनाक और योजनाबद्ध थी. एक बयान में पार्टी ने कहा, “इन महिलाओं को किसी खास एजेंडे के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस में भेजा गया था, ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके.” घटना के बाद पाकिस्तान की कई प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे महिलाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का गलत उदाहरण बताया है.
इमरान खान और उनकी पत्नी पर कई मुकदमे जारी
गौरतलब है कि इमरान खान बीते दो वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद हैं. इस साल की शुरुआत में एक पाकिस्तानी न्यायाधिकरण ने उन्हें 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें जमीन की हेराफेरी से जुड़े मामलों का प्रमुख स्थान है. उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी एक केस में 7 साल की सजा मिल चुकी है.
राजनीतिक माहौल और भी तनावपूर्ण
इस घटना ने ना सिर्फ राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, बल्कि पीटीआई और सत्ता पक्ष के बीच तनातनी को और गहरा कर दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे घटनाक्रम आने वाले दिनों में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज़ कर सकते हैं.
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