कतर में हमास नेताओं पर इजरायली हमले के बाद तुर्की में खलबली मच गई है. दोहा में हुए इस हमले के बाद तुर्की सरकार को आशंका है कि अगर हालात नहीं बदले, तो इजरायल का अगला निशाना वह खुद हो सकता है.
तुर्की रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रियर एडमिरल जेकी अकतूर्क ने गुरुवार को अंकारा में मीडिया से कहा,इजरायल के ये बेतुके हमले केवल कतर तक सीमित नहीं रहेंगे. यह रवैया पूरे क्षेत्र को, यहां तक कि खुद इजरायल को भी, तबाही की तरफ ले जा सकता है.
साथ से विरोध तक: इजरायल-तुर्की रिश्तों की गिरावट
कभी एक-दूसरे के घनिष्ठ साझेदार रहे इजरायल और तुर्की के रिश्तों में दरार 2000 के दशक के अंत में आनी शुरू हुई थी. लेकिन 2023 में गाजा में शुरू हुए संघर्ष के बाद से हालात और बिगड़ गए. 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा दक्षिणी इजरायल में आतंकी हमला करने के बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में गाजा पर सैन्य हमला शुरू किया. इस संघर्ष ने तुर्की-इजरायल संबंधों को और भी ज्यादा खटास भरे मोड़ पर पहुंचा दिया.
सीरिया पर प्रभाव को लेकर छिड़ा नया अध्याय
सीरिया में बशर अल-असद सरकार के कमजोर होने के बाद अब दमिश्क पर प्रभाव जमाने की दौड़ में तुर्की और इजरायल आमने-सामने आ गए हैं. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन पहले से ही हमास के खुलकर समर्थक रहे हैं और गाजा युद्ध के दौरान उन्होंने इजरायल की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तुलना हिटलर से तक कर डाली थी.
तुर्की में मौजूद हैं हमास के कई शीर्ष नेता
हमास के कई सीनियर नेता समय-समय पर तुर्की का रुख करते रहे हैं, और कुछ तो वहीं बस चुके हैं. इजरायल लंबे समय से तुर्की पर यह आरोप लगाता रहा है कि वह हमास को हमलों की योजना बनाने, फंडिंग जुटाने और भर्ती के लिए अपनी जमीन का उपयोग करने दे रहा है. एर्दोगन की कतर के नेताओं से नज़दीकी और दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य और व्यापारिक संबंध भी इस पूरे परिदृश्य को और जटिल बनाते हैं.
इजरायल की सैन्य पहुंच पर तुर्की को सख्त ऐतराज
ईरान, सीरिया, यमन और अब कतर इन सभी देशों की सीमाओं में इजरायल की सैन्य घुसपैठ ने तुर्की को बेचैन कर दिया है. ट्रेंड्स रिसर्च एंड एडवाइजरी में तुर्की मामलों के विशेषज्ञ सेरहात सुहा चुबुकचुओग्लू का कहना है. “इजरायल की यह रणनीति, जिसमें वह वायु सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों को किनारे रखकर हमला करता है, अंकारा को गहराई से चिंतित कर रही है.” उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि तुर्की इस पूरे घटनाक्रम को इजरायल की उस रणनीति का हिस्सा मानता है, जिसके तहत वह अपने चारों ओर कमजोर या शांत देशों का बफर ज़ोन बनाना चाहता है.
कतर पर हमला क्या यह चेतावनी है तुर्की के लिए?
कतर जैसे अमेरिका-समर्थक देश पर सीधा हमला करना, इजरायल की ओर से उठाया गया एक बेहद आक्रामक कदम माना जा रहा है. इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इजरायल अब हमास को खत्म करने की जिद में किसी भी सीमा तक जा सकता है?
तुर्की बनाम इजरायल सैन्य शक्ति में कौन भारी?
अगर सीधे सैन्य तुलना की बात करें, तो तुर्की किसी भी खाड़ी देश से कई गुना ज्यादा ताकतवर है. वह नाटो का सदस्य है, और अमेरिका के बाद उसकी दूसरी सबसे बड़ी सेना है. तुर्की का रक्षा उद्योग तेजी से विकसित हुआ है. खासकर ड्रोन, मिसाइल और युद्धक वाहन निर्माण में. जबकि इजरायल के पास मजबूत खुफिया नेटवर्क और उन्नत हथियार प्रणाली है, लेकिन तुर्की के मुकाबले उसकी क्षेत्रीय सैन्य पहुंच कुछ सीमित है.
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