Tunwal E-Motors: देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. भारत के प्रमुख उद्योग संगठनों में शामिल SME चैंबर ऑफ इंडिया ने टुनवाल ई-मोटर्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) झूमरमल तुनवाल को अपना नया उपाध्यक्ष (Vice President) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति भारतीय विनिर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और MSME सेक्टर के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए की गई है.
पिछले कुछ वर्षों में झूमरमल तुनवाल के नेतृत्व में Tunwal E-Motors ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. कंपनी ने न केवल कारोबार में तेज़ी से विस्तार किया, बल्कि 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत घरेलू विनिर्माण और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
SME Chamber of India ने किया नियुक्ति का ऐलान
एसएमई चैंबर ऑफ इंडिया और Manufacturers & Exporters Association of India (MEAI) के संस्थापक एवं अध्यक्ष चंद्रकांत सालुंखे ने झूमरमल तुनवाल की उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति की घोषणा की. संगठन के अनुसार, यह फैसला भारतीय MSME उद्योग, नवाचार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उनके प्रभावशाली नेतृत्व और योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है.
Tunwal E-Motors ने हासिल की तेज विकास की रफ्तार
झूमरमल तुनवाल के नेतृत्व में टुनवाल ई-मोटर्स भारत की तेजी से उभरती इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में शामिल हो चुकी है. कंपनी ने 275 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया है और देशभर में अपने नेटवर्क का लगातार विस्तार किया है. कंपनी ने 'मेक इन इंडिया' विजन के अनुरूप दो आधुनिक विनिर्माण इकाइयों की स्थापना की है. इससे न केवल घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ी है बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं.
नई भूमिका में MSME क्षेत्र को मिलेगी मजबूती
एसएमई चैंबर ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष के रूप में झूमरमल तुनवाल उद्यमिता को बढ़ावा देने, MSME उद्योगों के विकास को गति देने और नीति सुधारों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. इसके अलावा वे छोटे और मध्यम उद्योगों में नई तकनीकों को अपनाने, वित्तीय संसाधनों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और भारतीय कंपनियों की घरेलू तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत बनाने की दिशा में भी काम करेंगे. उनका उद्देश्य MSME सेक्टर को अधिक सक्षम, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है.
झूमरमल तुनवाल ने जताया आभार
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए झूमरमल तुनवाल ने कहा कि एसएमई चैंबर ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने कहा कि MSME भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यही क्षेत्र नवाचार, रोजगार सृजन तथा आर्थिक विकास को गति देता है. उन्होंने यह भी कहा कि वह उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और संगठन के साथ मिलकर उद्यमियों के लिए नए अवसर तैयार करने और भारत के MSME इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य करेंगे.
MSME सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े अनुभवी उद्योगपति का एसएमई चैंबर ऑफ इंडिया के नेतृत्व में शामिल होना MSME सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे तकनीक आधारित उद्योगों, स्टार्टअप्स और विनिर्माण इकाइयों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है. साथ ही, यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत सरकार 'मेक इन इंडिया', आत्मनिर्भर भारत और हरित परिवहन जैसे अभियानों को तेजी से आगे बढ़ा रही है. ऐसे में उद्योग और नीति निर्माण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में यह भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
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