पाकिस्तान के 25 सैनिक ढ़ेर, सैन्य चौकी पर हमारा कब्जा... खैबर पख्तूनख्वां में हमले के बाद TTP का दावा

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां प्रांत में स्थित दक्षिणी वजीरिस्तान क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने एक बड़े आतंकी हमले का दावा किया है.

TTP claims after attack in Khyber Pakhtunkhwa
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इस्लामाबाद/पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां प्रांत में स्थित दक्षिणी वजीरिस्तान क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने एक बड़े आतंकी हमले का दावा किया है. संगठन के मुताबिक, इस हमले में 25 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 8 घायल हुए और पाक सेना की एक सैन्य चौकी पर टीटीपी ने कब्जा भी कर लिया. हालांकि, अभी तक पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है. हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि सरकार अब टीटीपी से किसी भी हाल में बातचीत नहीं करेगी, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव और गहरा गया है.

हमले की जगह और दावा

टीटीपी के अनुसार, सोमवार रात को उसके लड़ाकों ने दक्षिणी वजीरिस्तान की एक सैन्य चौकी पर हमला किया.

  • हमले में 25 सैनिकों की मौत,
  • 8 घायल,
  • पाकिस्तानी सेना का एक निगरानी ड्रोन भी मार गिराया गया.
  • टीटीपी ने चौकी पर कब्जा करने का भी दावा किया है.

टीटीपी से जुड़ी मीडिया इकाई "वॉइस ऑफ खुरासान" ने मंगलवार को एक वीडियो फुटेज और आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें हमले के विवरण और नतीजों की जानकारी दी गई है. हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.

पाकिस्तानी सरकार की प्रतिक्रिया बाकी

पाकिस्तान की सेना या आंतरिक मंत्रालय की ओर से अब तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. मीडिया और रक्षा विशेषज्ञ इस दावे की पुष्टि के इंतजार में हैं, लेकिन क्षेत्र की संवेदनशीलता और सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते ग्राउंड रिपोर्टिंग बेहद सीमित है.

टीटीपी और पाकिस्तान के बीच बढ़ता टकराव

पिछले कुछ वर्षों से टीटीपी लगातार पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों, खासकर खैबर पख्तूनख्वां और बलूचिस्तान में सुरक्षाबलों पर हमले करता रहा है. हाल ही में इस टकराव में और तेजी आई है:

  • पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर टीटीपी ठिकानों को निशाना बनाकर क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशन किए थे.
  • पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई में टीटीपी प्रमुख मुफ्ती नूर वली महसूद को निशाना बनाया गया था.
  • इसके बाद महसूद ने वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि वह जिंदा है और पाक आर्मी को सबक सिखाएगा.

अफगानिस्तान से टीटीपी को मिल रही पनाह?

पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि टीटीपी को अफगानिस्तान की सीमा में पनाह मिल रही है.

इस्लामाबाद का कहना है कि अफगान तालिबान टीटीपी को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है.

काबुल प्रशासन बार-बार इन आरोपों से इंकार करता रहा है, लेकिन जमीनी हालात पाकिस्तान के दावे को मजबूत करते हैं.

विशेषज्ञ मानते हैं कि अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति और वहां की तालिबान सरकार का सीमित नियंत्रण, टीटीपी जैसे आतंकी संगठनों को स्पेस और संसाधन दे रहा है.

पाकिस्तान ने बातचीत से किया इनकार

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में साफ शब्दों में कहा था कि अब सरकार टीटीपी से कोई भी बातचीत नहीं करेगी. उन्होंने कहा, "अब टीटीपी के साथ कोई समझौता नहीं होगा. हम केवल अफगान तालिबान के साथ कूटनीतिक चर्चा के लिए तैयार हैं."

यह बयान एक स्पष्ट नीति परिवर्तन की ओर इशारा करता है. पहले पाकिस्तान की नीति बातचीत और सैन्य कार्रवाई का मिश्रण थी, लेकिन अब केवल सख्त कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है.

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