अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और ईरान को लेकर पहले ही सख्त रुख दिखा चुके ट्रंप अब खुले तौर पर क्यूबा को लेकर चेतावनी देते नजर आए हैं. उनके हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
27 मार्च को मियामी बीच में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने एक महान सेना बनाई है… और कभी-कभी उसका इस्तेमाल करना पड़ता है. वैसे, अगला नंबर क्यूबा का है.”
यह बयान अब तक क्यूबा को लेकर उनकी सबसे स्पष्ट और कड़ी चेतावनी माना जा रहा है. इससे पहले भी ट्रंप कई बार इशारों में क्यूबा की सरकार को लेकर असंतोष जाहिर कर चुके हैं, लेकिन इस बार उनका लहजा ज्यादा आक्रामक नजर आया.
पहले भी दे चुके हैं क्यूबा को लेकर संकेत
16 मार्च को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा था कि वह किसी न किसी रूप में क्यूबा को अपने नियंत्रण में लेने की उम्मीद रखते हैं. उन्होंने क्यूबा को “विफल राष्ट्र” तक करार दिया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में क्यूबा पर दबाव बढ़ाया है. वहां सप्लाई चेन पर असर पड़ा है और कई जरूरी संसाधनों की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है.
ईरान के बाद क्यूबा पर फोकस?
ट्रंप ने हाल ही में यह भी कहा था कि जैसे ही ईरान से जुड़ा संघर्ष खत्म होगा, अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर जाना तय है. यह बयान फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट के दौरान सामने आया, जिसे सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड द्वारा आयोजित किया गया था.
इस बयान को विशेषज्ञ एक संभावित नई रणनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं, जो आने वाले समय में वैश्विक तनाव को और बढ़ा सकता है.
“पतन के करीब है क्यूबा सरकार”
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि हवाना की सरकार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है और गिरावट के कगार पर है. उनका मानना है कि क्यूबा की मौजूदा स्थिति अमेरिका के लिए हस्तक्षेप का अवसर बन सकती है.
बातचीत जारी, लेकिन तनाव बरकरार
दूसरी ओर, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कनेल ने माना है कि वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी है. क्यूबा टकराव से बचना चाहता है, लेकिन अमेरिका की तरफ से दबाव लगातार बढ़ रहा है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन बातचीतों में क्यूबा की सत्ता में बदलाव भी एक अहम मुद्दा बना हुआ है, हालांकि इस दिशा में आगे की कार्रवाई का जिम्मा स्थानीय प्रशासन पर ही छोड़ा गया है.
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