हर डील में अपने परिवार का फायदा देखते हैं ट्रंप, फैमिली बिजनेस बढ़ा रहे... अमेरिकी अखबार का बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल न केवल व्हाइट हाउस के कामकाज से जुड़ा रहा, बल्कि उनके परिवार के लिए भी बड़े व्यावसायिक अवसरों का साल साबित हुआ है.

Trump sees the benefit of his family in every deal American newspaper
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल न केवल व्हाइट हाउस के कामकाज से जुड़ा रहा, बल्कि उनके परिवार के लिए भी बड़े व्यावसायिक अवसरों का साल साबित हुआ है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप सरकार की 2025 में की गई कई अंतरराष्ट्रीय डील्स से उनके परिवार के कारोबार को सीधा लाभ मिला.

ट्रंप परिवार ने बढ़ाया कारोबार, रियल एस्टेट से क्रिप्टो और एआई तक फैलाव
रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप परिवार का कारोबार अब केवल रियल एस्टेट तक सीमित नहीं रहा. क्रिप्टो करेंसी, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और टेक्नोलॉजी निवेश तक उनके कारोबार का दायरा बढ़ चुका है. ट्रंप के आलोचक मानते हैं कि दूसरे कार्यकाल में राष्ट्रपति पद अमेरिका के हित से ज्यादा परिवार के लाभ में काम कर रहा है.

अप्रैल 2025 में सऊदी अरब समर्थित गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था, “यह अमीर बनने का शानदार वक्त है, पहले से भी ज्यादा अमीर.” यही रुख अब उनके पूरे परिवार के कारोबारी फैसलों में दिखाई दे रहा है.

ट्रंप परिवार का कारोबार पांच बड़े सेक्टर में फैला

क्रिप्टो कारोबार – डोनाल्ड ट्रंप, उनके सलाहकार स्टीव विटकॉफ और बेटे इस क्षेत्र की देखरेख करते हैं. वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) ट्रंप मेमकॉइन और WLFI टोकन जारी करती है.

रियल एस्टेट और ट्रंप ब्रांड – डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के जरिए होटल, गोल्फ कोर्स और टावरों में लाइसेंसिंग करते हैं. 2025 में यह आठ ग्लोबल प्रोजेक्ट चला रही है.

एआई और टेक निवेश – स्टीव विटकॉफ और डेविड सैक्स एआई और डेटा सेंटर में निवेश देखते हैं. इस दौरान एनवीडिया चिप्स की बिक्री से यूएई के जी42 नेटवर्क को फायदा मिला.

डिफेंस और टेक कॉन्ट्रैक्ट्स – ट्रंप जूनियर से जुड़ी कंपनियां ड्रोन और रक्षा तकनीक के ठेके संभालती हैं. पेंटागन से कुछ एग्रीमेंट्स भी हुए हैं.

फाइनेंशियल और निवेश कंपनियां – जैरेड कुशनर एफिनिटी पार्टनर्स चलाते हैं, जिन्होंने सऊदी अरब और खाड़ी देशों से हजारों करोड़ जुटाए, जिन्हें रियल एस्टेट, टेक और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में लगाया गया.

विदेशी साझेदारों से परिवार को हुआ फायदा

यूएई, सऊदी अरब, कतर और अन्य देशों में ट्रंप परिवार के लिए कई व्यवसायिक और निवेश मौके बने.

यूएई: मई 2025 में एनवीडिया चिप्स की बिक्री से अमेरिकी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिला, वहीं वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल से 16,600 करोड़ रुपये के स्टेबलकॉइन खरीदे गए.

सऊदी अरब: सरकारी बैक्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, होटल और गोल्फ कोर्स में बातचीत हुई. नवंबर 2025 में ट्रंप ने क्राउन प्रिंस से सुरक्षा चर्चा की, जो संभावित ट्रंप-ब्रांडेड प्रोजेक्ट से जुड़ी थी.

कतर: ट्रंप-ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ और मई 2025 में कतर ने ट्रंप के लिए एक लग्जरी बोइंग जेट भी दिया.

अल्बानिया और सर्बिया: अल्बानिया में इवांका ट्रंप से जुड़ा होटल प्रोजेक्ट मंजूर हुआ, वहीं सर्बिया में जैरेड कुशनर की एफिनिटी पार्टनर्स विवाद और विरोध के चलते प्रोजेक्ट से बाहर हो गई.

ओमान, मालदीव, वियतनाम और दक्षिण कोरिया: रियल एस्टेट और डेटा सेंटर निवेश हुए, जिससे परिवार को लाइसेंसिंग फीस और ब्रांडिंग से करोड़ों का लाभ मिला.

ट्रंप परिवार ने एक साल में जुटाए 18 हजार करोड़

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनकी टीम ने करीब 2 अरब डॉलर (लगभग 18,000 करोड़ रुपये) फंड और डोनेशन के रूप में जुटाए. इनमें कम से कम 346 बड़े दानदाता शामिल थे, जिन्होंने 2.5 लाख डॉलर या उससे अधिक का योगदान दिया.

इन दानदाताओं में कई ऐसे हैं जिनके कारोबार को ट्रंप सरकार के फैसलों से लाभ हुआ. इसमें भारतवंशी बिजनेसमैन सुंदर पिचाई और सत्या नडेला समेत छह अन्य शामिल हैं. हालांकि, यह साबित करना मुश्किल है कि डोनेशन और फायदे के बीच सीधा रिश्ता है या नहीं, लेकिन जांच में यह साफ हुआ कि पैसे और लाभ का संबंध सवाल खड़ा करता है.

विदेश यात्राओं में दानदाताओं की भागीदारी

कम से कम 100 बड़े दानदाता ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में निजी डिनर में शामिल हुए, विदेश यात्राओं पर गए और सीधे राष्ट्रपति से मिले. कई बार उन्हें प्रेस रिलीज और सोशल मीडिया में पेश किया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई कारोबारी और दानदाता डरते हैं कि अगर उन्होंने योगदान नहीं किया तो राष्ट्रपति नाराज हो सकते हैं, इसलिए यह दान सुरक्षा का भी जरिया बन जाता है.

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