ट्रंप की बात मान लो, परमाणु डील नहीं करोगे तो... सऊदी अरब ने खामेनेई को धमकाया, छिड़ेगी एक और जंग?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और शाही परिवार के सदस्य प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान का दौरा किया, जहां उन्होंने ईरानी नेतृत्व को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी.

ट्रंप की बात मान लो, परमाणु डील नहीं करोगे तो... सऊदी अरब ने खामेनेई को धमकाया, छिड़ेगी एक और जंग?
Image Source: X/Khamenei

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है. हाल ही में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और शाही परिवार के सदस्य प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान का दौरा किया, जहां उन्होंने ईरानी नेतृत्व को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि तेहरान अमेरिका के प्रस्तावित परमाणु समझौते पर गंभीरता से विचार नहीं करता, तो उसे इजरायल के हमले का सामना करना पड़ सकता है.

ईरान में सऊदी शाही परिवार की दो दशकों बाद पहली यात्रा

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र पहले से ही गाजा संघर्ष की तपिश में झुलस रहा है. सऊदी अरब के 89 वर्षीय शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज ने क्षेत्र में बढ़ते अस्थिरता के खतरे को देखते हुए अपने बेटे और रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान को तेहरान भेजा. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सऊदी शाही परिवार की करीब 20 वर्षों में पहली ईरान यात्रा थी, जो अपने आप में इस दौरे की गंभीरता को दर्शाती है.

अयातुल्ला खामेनेई से सीधी मुलाकात

17 अप्रैल को हुई इस मुलाकात में प्रिंस खालिद ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से आमने-सामने बातचीत की. बैठक में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, सेना प्रमुख और विदेश मंत्री भी मौजूद रहे. सऊदी प्रिंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम जल्द से जल्द परमाणु डील को अंतिम रूप देना चाहती है और उनके पास धैर्य सीमित है.

“इजरायल के हमले से पहले समझौता बेहतर विकल्प”

प्रिंस खालिद ने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता नहीं अपनाया, तो कूटनीति के सारे द्वार बंद हो सकते हैं और फिर सैन्य टकराव अवश्यंभावी होगा. उन्होंने ईरानी नेतृत्व को सलाह दी कि इजरायल के साथ संभावित युद्ध से बेहतर है कि वे अमेरिका के साथ समझौता कर लें. खालिद का यह बयान साफ दर्शाता है कि खाड़ी देश अब किसी और युद्ध का जोखिम नहीं लेना चाहते.

ट्रंप ने नेतन्याहू को रोका हमला

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को खुलासा किया कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने की अपील की है ताकि परमाणु समझौते की बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए समय मिल सके. ट्रंप ने कहा, “हम समाधान के बेहद करीब हैं, ऐसे में हमला करना अनुचित होगा.”

संयुक्त राष्ट्र की चिंता

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी IAEA ने हाल ही में कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. ऐसे में यह स्पष्ट है कि स्थिति बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुकी है.

सुन्नी-शिया तनाव के बीच कूटनीतिक बदलाव

सऊदी अरब और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता अब पिघलती नजर आ रही है. एक ओर जहां दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक वार्ताओं में भी गंभीरता दिखाई दे रही है. सऊदी की यह हालिया पहल बताती है कि अब वह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है.

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