भारत-पाकिस्तान जंग को लेकर बार-बार आंकड़े बदल रहे ट्रंप, 6, 7 के बाद अब 11 फाइटर जेट गिरने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी.

Trump is repeatedly changing figures regarding India-Pakistan war
Image Source: Social Media

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश टकराव नहीं रोकते तो अमेरिका उन पर 200 प्रतिशत तक का भारी शुल्क लगा देता.

अमेरिका में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उस दौरान दोनों देशों के बीच गंभीर हालात थे और 11 लड़ाकू विमान गिराए गए थे. इससे पहले वह अलग-अलग मौकों पर 6, 7 या 8 विमानों की संख्या बता चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने 11 जेट गिरने की बात कही. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे.

2.5 करोड़ लोगों की जान बचाने का दावा

ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप से दो परमाणु ताकतों के बीच बड़ा युद्ध टल गया. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि इस कदम से लगभग 2.5 करोड़ लोगों की जान बची. पहले ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि करीब एक करोड़ लोगों की जान बचाई गई.

भारत का रुख

भारत लगातार कहता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं है. भारत का साफ मत है कि दोनों देशों के बीच के मुद्दे आपसी बातचीत से ही सुलझाए जाते हैं.

टैरिफ की चेतावनी

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से फोन पर बात की थी. उनका कहना था कि अगर लड़ाई जारी रहती, तो अमेरिका दोनों देशों पर 200 प्रतिशत शुल्क लगा देता, जिससे अमेरिका के साथ उनका व्यापार लगभग बंद हो जाता.

उन्होंने कहा कि जब व्यापार और आर्थिक नुकसान की बात सामने आई, तो दोनों देशों ने नरम रुख अपनाया और कुछ ही दिनों में हालात संभल गए.

11 लड़ाकू विमान गिरने का दावा

ट्रंप ने कहा कि संघर्ष के दौरान 11 महंगे लड़ाकू विमान गिराए गए. उनके मुताबिक हालात काफी गंभीर थे, लेकिन बाद में समझौता हो गया. उन्होंने दोहराया कि उन्हें भरोसा है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों को सुलझाया जा सकता है.

पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था. इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था.

ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि अमेरिका की कोशिशों से भारत और पाकिस्तान ने तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति जताई. हालांकि भारत ने किसी बाहरी मध्यस्थता से इनकार किया है.