AI इम्पैक्ट समिट के रंग में रंगा बुर्ज खलीफा, दुबई में दिखी भारत-UAE दोस्ती की झलक, VIDEO वायरल

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से शुरू हुआ AI इम्पैक्ट समिट 2026 आज अपने आखिरी दिन पर पहुंच गया.

Burj Khalifa Lights Up With Ai Impact Summit India-UAE friendship
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AI Impact Summit: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से शुरू हुआ AI इम्पैक्ट समिट 2026 आज अपने आखिरी दिन पर पहुंच गया. इस दौरान जहां एक तरफ कुछ जगहों पर इवेंट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर दुबई की मशहूर इमारत बुर्ज खलीफा इस समिट के जश्न में रोशनी से जगमगाती नजर आई. यह नज़ारा भारत और यूएई के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बना.

बुर्ज खलीफा पर बड़े अक्षरों में इस समिट का जिक्र किया गया और लोगों से 20 फरवरी को इसे देखने की अपील की गई. इमारत पर दिखाए गए संदेश में बताया गया कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े एआई इवेंट का आयोजन किया है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख था, जो भारत की तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.

पीएम मोदी और यूएई क्राउन प्रिंस की मुलाकात

समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच बैठक हुई. इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच एआई के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-यूएई के ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष जताया और भविष्य में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

क्राउन प्रिंस शेख खालिद नई दिल्ली में आयोजित इस समिट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे.

एआई सबके लिए हो: पीएम मोदी

19 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने समिट के लीडर्स प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि एआई दुनिया को बदलने वाली तकनीकी क्रांति है. उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई तभी सफल होगा जब इसे सबके लिए उपलब्ध बनाया जाएगा. उनका मानना है कि एआई आम लोगों का होना चाहिए, आम लोगों द्वारा विकसित किया जाना चाहिए और आम लोगों के काम आना चाहिए.

उन्होंने कहा कि भारत एआई से डरता नहीं है, बल्कि इसे अपने भविष्य का हिस्सा मानता है. भारत एआई को “ग्लोबल कॉमन गुड” यानी पूरी दुनिया के भले के लिए विकसित करने की बात करता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एआई को एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में समझना जरूरी है और इसे सुरक्षित तरीके से विकसित किया जाना चाहिए.

एआई के लिए भारत का MANAV विज़न

प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के लिए भारत का “MANAV” विज़न भी पेश किया. MANAV का अर्थ है इंसान, यानी एआई का केंद्र मानव कल्याण होना चाहिए.

  • M (Moral) – एआई नैतिक सिद्धांतों पर आधारित हो.
  • A (Accountable) – इसके लिए जवाबदेह और पारदर्शी व्यवस्था हो.
  • N (National Sovereignty) – डेटा पर अधिकार उसी का हो जिसने उसे बनाया है.
  • A (Accessible) – एआई सबके लिए सुलभ और समावेशी हो, सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित न रहे.
  • V (Valid) – एआई कानूनी, भरोसेमंद और सत्यापित किया जा सकने वाला हो.

भारत का यह MANAV विज़न 21वीं सदी की एआई आधारित दुनिया में मानव हितों को प्राथमिकता देने का संदेश देता है.

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