Donald Trump Israel Criticism: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजरायल की सुरक्षा और सैन्य रणनीति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कतर के अमीर के साथ हुई बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हिज्बुल्लाह से निपटने के मामले में सीरिया की भूमिका अधिक प्रभावी हो सकती है.
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा और कूटनीतिक गतिविधियों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है. ट्रंप के बयान को क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इजरायली सैन्य अभियान पर जताई चिंता
ट्रंप ने कहा कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में आम नागरिकों की जान जाने को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. उनका मानना है कि मौजूदा रणनीति के कारण मानवीय नुकसान भी हो रहा है.
इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह से निपटने के लिए वैकल्पिक तरीके और क्षेत्रीय सहयोग पर विचार किया जाना चाहिए. ट्रंप की टिप्पणियों को इजरायल की वर्तमान नीति पर अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है.
Trump: I suggested to Israel that Syria should deal with Hezbollah; I think they would do a better job. pic.twitter.com/gShjqOiiY8
— Amit Segal (@AmitSegal) June 16, 2026
ईरान के साथ शांति प्रयासों का भी किया उल्लेख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ चल रही शांति प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में कुछ सैन्य कार्रवाइयों ने तनाव कम करने के प्रयासों को प्रभावित किया है. ट्रंप के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिशों के दौरान कुछ घटनाओं ने वार्ता प्रक्रिया को मुश्किल बना दिया था. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालिया सैन्य गतिविधियों को लेकर उन्होंने अपनी असहमति व्यक्त की थी.
अमेरिका-इजरायल संबंधों पर भी की टिप्पणी
बातचीत के दौरान ट्रंप ने अमेरिका और इजरायल के संबंधों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक साझेदारी रही है और अमेरिका का समर्थन इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण रहा है. ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर पश्चिम एशिया की सुरक्षा, कूटनीति और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है.
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