US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की सेहत को लेकर बड़ा दावा किया है. ट्रंप के मुताबिक, फरवरी में ईरान पर हुए हमले में मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उनकी मौत नहीं हुई.
ट्रंप ने कहा कि वह बुरी तरह घायल हुए थे, लेकिन मारे नहीं गए. उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जल्द ही अमेरिका को एक बड़ी जीत मिल सकती है.
ईरान को लेकर ट्रंप का सख्त रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है या उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कोई नया जहाज या नाव इस इलाके में बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश करती है तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी नौसेना ने उन्हें जानकारी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में मौजूद सभी बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है या विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष बल होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगातार नजर रख रहा है. इसके अलावा ईरान के पिकऐक्स माउंटेन और पहले नष्ट किए जा चुके तीन परमाणु ठिकानों की भी निगरानी की जा रही है.
बारूदी सुरंगों पर अमेरिका की सख्त नीति
ट्रंप ने साफ किया कि होर्मुज में बारूदी सुरंग बिछाने की किसी भी कोशिश को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का तुरंत सैन्य जवाब दिया जाएगा.
स्कूलों की फंडिंग को लेकर भी चेतावनी
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के स्कूलों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर स्कूल छात्रों के जेंडर से जुड़े बदलावों या फैसलों की जानकारी उनके माता-पिता को दिए बिना लेते हैं तो उनकी संघीय फंडिंग रोकी जा सकती है.
अमेरिकी शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमैहन ने व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा और न्याय विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि स्कूल बच्चों को लेकर उनके माता-पिता से ज्यादा अधिकार न जताएं.
मैकमैहन के मुताबिक, अगर स्कूल बच्चों को ऐसे फैसलों या प्रयोगों का हिस्सा बनाते हैं और माता-पिता को इससे दूर रखते हैं तो उन्हें मिलने वाली संघीय आर्थिक मदद पर रोक लग सकती है.
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि माता-पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी पाने का अधिकार है. हालांकि, इस मुद्दे को लेकर अमेरिका में स्कूलों और नागरिक अधिकार संगठनों के बीच बहस जारी है.
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