Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है. इस प्राकृतिक आपदा में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. संकट की इस घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी नेपाल की मदद के लिए तेजी से कदम बढ़ाया है. भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेज दी है.
Dispatched 10 tonnes of HADR assistance and essential medicines to support Nepal’s response to the devastating floods.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 26, 2026
Our thoughts are with the bereaved families and all those affected.
In face of this challenge, India stands with Nepal and its people. pic.twitter.com/FUJdkJzi1o
राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना का विमान काठमांडू पहुंच चुका है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र ‘बालेन’ शाह से फोन पर बातचीत कर मुश्किल वक्त में हरसंभव सहायता का भरोसा दिया. दोनों देशों के बीच राहत और बचाव अभियानों को लेकर समन्वय भी किया जा रहा है.
10 टन मानवीय सहायता और HADR सामग्री भेजी गई
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत ने नेपाल के लिए करीब 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत यानी HADR सामग्री भेजी है. इस खेप में प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी सामान शामिल किए गए हैं. भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में अस्थायी टेंट और शेल्टर, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और जीवनरक्षक दवाइयां शामिल हैं. इन सामानों का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों और बचाव अभियानों के दौरान किया जा सकेगा.
C-130J विमान से काठमांडू पहुंची पहली खेप
राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से भेजी गई. विमान ने बुधवार रात करीब 8:35 बजे दिल्ली के पास स्थित हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए उड़ान भरी और राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा. नेपाल में आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने आगे की सहायता के लिए भी तैयारी कर ली है. C-130J के अलावा C-17 विमान भी अतिरिक्त राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तैयार रखे गए हैं. जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जाएगी.
PM मोदी ने बालेन शाह को दिया हरसंभव मदद का भरोसा
नेपाल में बाढ़ से पैदा हुए हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र ‘बालेन’ शाह से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया. बातचीत के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारत नेपाल को हर मुमकिन मानवीय सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है और दोनों देशों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए लगातार समन्वय कर रही हैं.
करीब 100 लोगों की मौत सैकड़ों अब भी लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. अब तक करीब 100 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. ऐसे में राहत और बचाव एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की है. भारत की ओर से राहत सामग्री भेजे जाने के साथ अब बचाव अभियानों में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी है. हेलीकॉप्टरों की तैनाती और अतिरिक्त विमानों को तैयार रखने से संकेत है कि जरूरत पड़ने पर भारत नेपाल के लिए बड़े स्तर पर राहत अभियान चला सकता है.
मुश्किल वक्त में पड़ोसी के साथ भारत
नेपाल और भारत के बीच गहरे सामाजिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. प्राकृतिक आपदा के इस मुश्किल दौर में भारत की त्वरित मदद दोनों देशों के बीच सहयोग को एक बार फिर सामने लाती है. फिलहाल प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश को तेज करने की है. भारत ने भी साफ कर दिया है कि नेपाल को जरूरत के मुताबिक हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए वह तैयार है.
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