चीन पर फूटा नोबेल न मिलने का गुस्सा! ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने का किया ऐलान, फिर छिड़ा ट्रेड वॉर

अमेरिकी राष्ट्रपति और आगामी चुनावों के प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए 1 नवंबर 2025 से सभी चीनी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है.

Trump announced to impose 100% tariff on China
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वॉशिंगटन: अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति और आगामी चुनावों के प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए 1 नवंबर 2025 से सभी चीनी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ट्रंप के मुताबिक यह टैरिफ मौजूदा शुल्क दरों के अतिरिक्त होगा और इसका असर चीन से आयात होने वाले लगभग सभी उत्पादों पर पड़ेगा.

चीन के निर्यात नियंत्रण के जवाब में कड़ा रुख

डोनाल्ड ट्रंप की यह घोषणा चीन द्वारा दुर्लभ मृदा खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स) के निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के जवाब में आई है. चीन ने हाल ही में यह ऐलान किया था कि वह 1 नवंबर से अपने रेयर अर्थ उत्पादों के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लागू करेगा. इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमिकंडक्टर्स, रक्षा प्रणालियों और हाई-टेक उपकरणों के निर्माण में बड़े पैमाने पर होता है. वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में इनकी अहम भूमिका है, और करीब 70% रेयर अर्थ की आपूर्ति अकेले चीन से होती है.

ट्रंप ने चीन के इस कदम को "शत्रुतापूर्ण" और "अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था के खिलाफ" बताया है. उनका कहना है कि बीजिंग का यह फैसला केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के सभी देशों पर असर डालेगा, और यह वैश्विक व्यापार के लिए एक गंभीर चुनौती है.

सॉफ्टवेयर निर्यात पर भी लगेगा प्रतिबंध

डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ टैरिफ बढ़ाने की ही घोषणा नहीं की, बल्कि अमेरिका से बाहर जाने वाले "महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर" के निर्यात पर भी नियंत्रण लगाने का इरादा जताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 नवंबर से अमेरिका उन सभी सॉफ्टवेयर उत्पादों के निर्यात को प्रतिबंधित करेगा जो राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी संप्रभुता के लिए संवेदनशील माने जाते हैं.

ट्रंप ने चीन पर लगाया आक्रामकता का आरोप

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में चीन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चीन ने पूरी दुनिया को एक "शत्रुतापूर्ण संदेश" भेजा है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि वे अपने उत्पादों और तकनीकों के निर्यात को नियंत्रित करने जा रहे हैं, यहां तक कि कुछ ऐसे उत्पादों पर भी नियंत्रण लगाया जा रहा है जो चीन ने खुद अभी तक विकसित भी नहीं किए हैं.

ट्रंप ने कहा, "यह एक रणनीतिक योजना है जिसे चीन ने वर्षों पहले तैयार किया था और अब इसे लागू करने की तैयारी कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार के इतिहास में ऐसा व्यवहार अभूतपूर्व है."

चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा

वर्तमान में अमेरिका पहले ही चीन से आयातित वस्तुओं पर उच्च दर का शुल्क लगा चुका है. इन टैरिफ की दरें अलग-अलग उत्पादों के अनुसार भिन्न हैं- स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल पर लगभग 50% तक, जबकि उपभोक्ता वस्तुओं पर औसतन 7.5% टैक्स लगाया गया है. कुल मिलाकर मौजूदा औसत टैरिफ दर लगभग 40% है.

अब ट्रंप द्वारा घोषित 100% टैरिफ, इन मौजूदा दरों के ऊपर अतिरिक्त होगा. इसका सीधा मतलब यह है कि चीनी उत्पाद अमेरिका में पहले से भी ज्यादा महंगे हो जाएंगे, जिससे व्यापार घाटा, महंगाई और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है.

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