अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार चीन के साथ एक सकारात्मक ट्रेड डील करने जा रही है. ट्रंप इस हफ्ते दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, और दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, इस समझौते का फ्रेमवर्क लगभग तैयार हो चुका है. अब केवल अंतिम हस्ताक्षर बाकी हैं.
मलेशिया में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन (ASEAN Summit) के दौरान ही इस समझौते का प्रारंभिक रूप तैयार हुआ. ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हम चीन के साथ एक डील करने जा रहे हैं.” यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने पहले चीन से सौदा न होने की स्थिति में 100% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी.
समझौते के प्रमुख बिंदु
इस समझौते में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है:
टैरिफ खतरे का टालना: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह डील 1 नवंबर से लागू होने वाले 100% टैरिफ खतरे को टाल देगी.
टिकटॉक और तकनीकी सहमति: समझौते के तहत टिकटॉक की अमेरिकी बिक्री पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद जताई गई है.
दुर्लभ खनिजों पर नियंत्रण: अमेरिका और चीन ने दुर्लभ खनिजों पर चीन की नई नियंत्रण नीति को एक साल के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई है. इन खनिजों का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों, स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहनों में किया जाता है.
सोयाबीन खरीदारी: चीन अब अमेरिकी सोयाबीन की खरीदारी फिर से शुरू करेगा, जिससे अमेरिकी किसानों को राहत मिलेगी. चीन ने सितंबर में अमेरिकी सोयाबीन आयात पूरी तरह रोक दी थी और ब्राजील तथा अर्जेंटीना से आयात शुरू किया था.
ग्लोबल ट्रेड वार पर असर
चीनी व्यापार वार्ताकार ली चेंगगांग ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच प्रारंभिक सहमति बन चुकी है और अब इसे अपने आंतरिक अनुमोदन प्रक्रियाओं से गुजरना है. ली ने यह भी कहा कि अमेरिका ने कड़े रुख अपनाए, लेकिन दोनों पक्षों ने गहन विचार-विमर्श और रचनात्मक बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक ट्रेड वार के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है. इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक स्थिरता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है.
अमेरिका और ब्राजील के संबंध
ट्रंप ने मलेशिया में ब्राजील के प्रधानमंत्री लूला से भी मुलाकात की. दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ब्राजील संबंधों में यह कदम नए व्यापार अवसर पैदा कर सकता है.
ट्रंप प्रशासन के वाणिज्य प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने बताया कि दोनों पक्षों ने कुछ दंडात्मक कदमों को रोकने पर सहमति जताई है. इसका उद्देश्य यह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे को संतुलित किया जा सके. इस कदम से न केवल किसानों और उद्योगपतियों को लाभ मिलेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक सहयोग को भी मजबूती मिलेगी.
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