सरकारी स्कूल में Teacher बनकर Robot ले रहा क्लास, बच्चों के सवालों के भी दिए जवाब

तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई अब सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रह गई है. राजन्ना सिरसिल्ला जिले के गीतानगर जेडपीएचएस स्कूल में छात्रों को पढ़ाने के लिए रोबोट शिक्षक की मदद ली जा रही है.

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तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई अब सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रह गई है. राजन्ना सिरसिल्ला जिले के गीतानगर जेडपीएचएस स्कूल में छात्रों को पढ़ाने के लिए रोबोट शिक्षक की मदद ली जा रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स से लैस यह शिक्षक बच्चों के सवालों का जवाब देने के साथ पढ़ाई को तकनीक से जोड़ने का नया अनुभव दे रहा है. इस पहल से छात्रों में सीखने को लेकर उत्सुकता बढ़ती दिखाई दे रही है.

पेरेंट्स मीटिंग में रोबोट बना आकर्षण का केंद्र

स्कूल में आयोजित पेरेंट्स मीटिंग के दौरान रोबोट शिक्षक ने अभिभावकों से सीधे बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए. अभिभावकों ने स्कूल में तकनीक के इस्तेमाल, छात्रों की पढ़ाई और उनकी प्रगति से जुड़े सवाल पूछे, जिनका रोबोट ने जवाब दिया. पारंपरिक पैरेंट-टीचर मीटिंग से अलग यह अनुभव अभिभावकों के लिए भी खास रहा और उन्होंने तकनीक आधारित इस पहल में दिलचस्पी दिखाई.

पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने की कोशिश

स्कूल में रोबोट शिक्षक को शामिल करने का उद्देश्य तकनीक के जरिए पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए अधिक इंटरैक्टिव और समझने में आसान बनाना है. रोबोटिक्स और एआई आधारित शिक्षण से बच्चों को नई तकनीक से परिचित कराने के साथ उनके बीच डिजिटल लर्निंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. यह पहल सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं को भी सामने लाती है.

पहले भी सामने आ चुका है रोबोटिक टीचिंग का प्रयोग

तेलंगाना में इससे पहले रंगारेड्डी जिले के जनवाड़ा स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में भी रोबोटिक शिक्षकों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, वहां तीन रोबोटिक शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं और स्कूल में करीब 750 छात्र पढ़ते हैं. सिरसिल्ला के स्कूल में शुरू हुआ यह प्रयोग दिखाता है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में तकनीक को शामिल कर पारंपरिक पढ़ाई के साथ नए शिक्षण तरीकों को भी जगह दी जा रही है.

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